पुणे न्यूज (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

Pune: नवले ब्रिज हादसे के बाद प्रशासन एक्शन में, सर्विस रोड छह महीने में तैयार

Pune Accident: नवले ब्रिज–दरी पुल खंड में आठ मौतों वाले हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सर्विस रोड की तेजी से मरम्मत की जा रही है। गति सीमा कम करने और स्थायी समाधान पर तेज कार्रवाई शुरू हो गई है।

अपूर्वा नायक

Massive Accident In Pune: दरी पुल से नवले पुल के बीच पुणे एक्सप्रेसवे आउटर रिंग रोड पर लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसों को रोकने में प्रशासनिक प्रयास 'ये रे मेरे मागल्य' (पुरानी चीजों को दोहराना) जैसे साबित हो रहे हैं।

गुरुवार को हुए भीषण हादसे में आठ लोगों को दर्दनाक मौत के बाद, शुक्रवार को प्रशासनिक बैठकें हुई और एक बार फिर वही उपाय लागू करने की कवायद शुरू की गई है, जो 2022 में सुझाए गए थे। हादसे के बाद पुणे मनपा, ट्रैफिक पुलिस और पीएमआरडीए जैसी सभी एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

पुणे महानगरपालिका द्वारा बुलाई गई बैठक में यह तथ्य सामने आया कि मौजूदा सर्विस रोड की खराब स्थिति के कारण चार पहिया वाहन मजबूरी में मुख्य राजमार्ग पर उतरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। सर्विस रोड को अगले छह महीने में पूर्ण करने का निर्णय लिया गया है।

मनपा तीन चरणों में सर्विस रोड का काम करेगी, जिसमें राधा होटल-सुस घाट, डुक्कर घाट वारजे और वडगांव ब्रिज-नवले ब्रिज शामिल हैं। नवले ब्रिज से भूमकर चौक तक का मार्ग पीएमआरडीए विकसित करेगा।

संयुक्त बैठक

आज मोहोल ने जानकारी दी कि दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए शनिवार को पुणे मनपा, एनएचएआई, जिला प्रशासन और पीएमआरडीए की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजने की संभावना पर भी चर्चा की जाएगी, मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग पर हुई दुर्घटना में आठ लोगों की मौत के एक दिन बाद केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और इस खतरनाक मार्ग पर आगे और त्रासदियों को रोकने के लिए स्थायी समाधान का आह्वान किया।

एनएचएआई के काम पर गंभीर सवाल

राष्ट्रवादी कांग्रेस नेता रोहन सुरवसे पाटिल ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर एनएचएआई के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए है। पाटिल ने कहा कि भीषण दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है और यह साबित करता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा किए गए उपाय पूरी तरह बेअसर साबित हुए है। उन्होंने मांग की है कि उपाय योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन दुर्घटनाएं नहीं थम रही है। उन्होंने अब तक हुए खर्च और काम की गहन जांच करने की भी मांग की है।

रम्बलर स्ट्रिप्स और स्पीड गन पर फोकस

दरी पुल से नवले पुल तक का पूरा खंड एक ढलान वाला क्षेत्र है। कई भारी वाहन चालक ईंधन बचाने के लिए न्यूट्रल गियर में गाड़ी चलाते है, जिससे गति नियंत्रण से बाहर हो जाती है। इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ उपाय करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें वर्तमान 60 किमी/घंटा की गति सीमा को घटाकर 40 किमी/घंटा करने का निर्णय लिया गया है, अब हर 500 मीटर पर रम्बलर स्ट्रिप बिछाई जाएगी और स्पीड गन की संख्या बढ़ाई जाएगी।

उन्नत मार्ग का प्रस्ताव

केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने इस समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लगातार हो रहे भीषण हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई ने जांभुलवाड़ी से रावेत तक उन्नत मार्ग बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसका डीपीआर भी तैयार हो चुका है, मोहोल ने - कहा कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वह जल्द ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने माना कि 2022 के बाद रंबल स्ट्रिप्स बढ़ाना और स्पीड गन लगाना जैसे अल्पकालीन उपाय लागू किए गए थे, लेकिन गुरुवार के हादसे ने फिर से स्थायी समाधान की आवश्यकता दर्शाई है।

INDIA Alliance Protest Live: जंतर-मंतर पर सियासी रण; पुलिस हिरासत में राहुल, प्रियंका गांधी

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, बोले- 100 FIR भी मंजूर, हर केस मेरे लिए मेडल

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक चार मंजिला इमारत गिरी, कई लोग मलबे में दबे

प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहनेगी बॉडी कैमरा? दिल्ली HC के फैसले का मतलब समझें

PM Modi 25 Years of Seva Live: जनसेवा के 25 साल पूरे, सेवा संकल्प की ली शपथ, अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां