Pune Passport Office Indian Passport: विदेश की नागरिकता हासिल करने के बाद भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने वालों की संख्या पुणे में लगातार बनी हुई है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 160 लोगों ने पुणे पासपोर्ट कार्यालय में अपने भारतीय पासपोर्ट सरेंडर किए।
पासपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, कार्यालय में हर महीने औसतन 25 से 30 ऐसे मामले सामने आते हैं। इससे स्पष्ट है कि विदेश में बसने और वहां की नागरिकता लेने वाले भारतीयों के लिए पासपोर्ट सरेंडर की प्रक्रिया नियमित प्रशासनिक सेवा बन चुकी है।
पुणे पासपोर्ट अधिकारी विनोद गायकवाड़ ने बताया कि पासपोर्ट सरेंडर के लिए हर महीने बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होते हैं। हालांकि, मामलों की संख्या महीने के अनुसार बदलती रहती है। जनवरी से अगस्त के 8 महीनों में 160 लोगों ने विदेशी नागरिकता प्राप्त करने के बाद भारतीय पासपोर्ट सरेंडर किया है।
उन्होंने बताया कि पासपोर्ट कार्यालय समय-समय पर संबंधित आंकड़े भी जारी करता है। इसका उद्देश्य प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। विदेशी नागरिकता हासिल करने वाले लोगों को नियमानुसार भारतीय पासपोर्ट रखने का अधिकार नहीं रहता। इसलिए उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पासपोर्ट सरेंडर करना पड़ता है।
पासपोर्ट सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए हर आवेदक को पुणे शहर आना जरूरी नहीं है। विदेश में रह रहे भारतीय नागरिक संबंधित भारतीय मिशन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसी तरह, आवेदक की परिस्थितियों और लागू प्रक्रिया के अनुसार देश के अन्य स्थानों पर स्थित पासपोर्ट प्राधिकरणों के माध्यम से भी औपचारिकताएं पूरी की जा सकती है।
इस व्यवस्था से विदेश में रहने वाले लोगों को केवल पासपोर्ट सरेंडर के लिए पुणे लौटने की आवश्यकता नहीं पड़ती। निर्धारित दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित प्राधिकरण पासपोर्ट सरेंडर की औपचारिकता पूरी करता है और आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करता है।
विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकता संबंधी नियमों के अनुसार, कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करता है तो उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। इसके बाद वह भारतीय पासपोर्ट रखने या उसका इस्तेमाल करने का पात्र नहीं रहता। ऐसे व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना होता है।
अधिकारियों के अनुसार, पासपोर्ट सरेंडर को पासपोर्ट की समाप्ति या रद्द होने से अलग समझना चाहिए। विदेशी नागरिकता हासिल करने के बाद भारतीय पासपोर्ट छोड़ना एक अलग प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके जरिए यह दर्ज किया जाता है कि संबंधित व्यक्ति अब भारतीय पासपोर्ट रखने का पात्र नहीं है।
पुणे निवासी एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विदेशी नागरिकता लेने का निर्णय व्यक्तिगत और व्यावसायिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया था। विदेशी नागरिकता मिलने के बाद भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना नियमों के तहत आवश्यक था।
उन्होंने बताया कि प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल रही और निर्धारित माध्यम से औपचारिकताएं पूरी हो गईं। उन्होंने कहा कि भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना भावनात्मक क्षण था, क्योंकि भारत से उनका जुड़ाव बना हुआ है। हालांकि, विदेशी नागरिकता हासिल करने के बाद नियमों के अनुसार पासपोर्ट सरेंडर करना आवश्यक कदम था।