वाघोली जलापूर्ति योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)  
पुणे

वाघोली के लिए बड़ी खुशखबरी: PMRDA की 23 करोड़ की जलापूर्ति योजना का पानी पहुंचा WTP, टैंकरों से मिलेगा छुटकारा

Pune Water Supply: पुणे के वाघोली में PMRDA की ₹23 करोड़ की जलापूर्ति योजना का पानी जल शुद्धीकरण केंद्र पहुंचा। 7 साल बाद पूरी हुई योजना, 2 महीने में घरों तक पहुंचेगा पानी।

रूपम सिंह

Wagholi Water Supply Project: पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) की 23 करोड़ रुपये की वाघोली संवर्धित जलापूर्ति योजना का पानी आखिरकार स्थानीय जल शुद्धीकरण केंद्र में पहुंच गया है। पिछले 7 वर्षों से प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से लटकी इस योजना का पूरा होना वाघोली के विकास में मील का पत्थर है। भीमा नदी से आई इस योजना से क्षेत्र की गंभीर पानी की किल्लत दूर होगी। बकोरी रोड और वाघेश्वरनगर सहित हजारों नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और टैंकरों से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।

पेयजल आपूर्ति के लिए थोड़ी और करनी होगी प्रतिक्षा

इस ऐतिहासिक सफलता के बावजूद नागरिकों को अपने घरों के नलों में प्रत्यक्ष रूप से पानी पाने के लिए अभी थोड़ा और धैर्य रखना होगा। पीएमआरडीए प्रशासन के आधिकारिक बयान के अनुसार संपूर्ण वितरण प्रणाली को सुचारू रूप से सक्रिय करने में अभी 2 से 2.5 महीने का समय लगेगा। इस दौरान मुख्य पंप, मोटरों और 15,000 मीटर लंबी अंतर्गत पाइपलाइनों के रिसाव तथा दवाव की तकनीकी जांच पूरी की जाएगी।

सात साल के संघर्ष के बाद सफलता मिली

इस जलापूर्ति योजना की रूपरेखा सबसे पहले वर्ष 2011 में तैयार की गई थी। इसके बाद लंबे इंतजार के बाद वर्ष 2018 में इसे आधिकारिक प्रशासनिक मंजूरी मिली और वर्ष 2019 में इसका प्रत्यक्ष ग्राउंड वर्क शुरू किया गया था। प्रशासन ने इस योजना को 2 वर्षों के भीतर ही पूरा करने का लक्ष्य रखा था। परंतु भूमि अधिग्रहण की जटिल समस्याएं, पाइपलाइन बिछाने में स्थानीय स्तर पर हुआ भारी विरोध हुआ। कई तकनीकी दिक्कतों के कारण यह योजना कुल 7 वर्ष तक अधर में लटकी रही।

हजारों नागरिकों को टैंकर से छुटकारा

  • पीएमआरडीए के अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद वढू बुद्रुक में भीमा नदी के बांध से 11 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन सफलतापूर्वक बिछाने में सफलता हासिल की है।
  • 50 लाख लीटर दैनिक क्षमता की इस विशाल योजना से बकोरी रोड, वाघेश्वरनगर, विठ्ठलवाडी और मुख्य वाघोली गांव के हजारों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे हर साल गर्मी के मौसम में और आम दिनों में होने वाली पानी के टैंकरों की दौड़धूप और आर्थिक लूट पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इस परियोजना को गति देने के लिए पूर्व पार्षद रत्नमाला सातव ने शासन और प्रशासन के स्तर पर लगातार अनुवर्ती कार्रवाई की थी।

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