Akhilesh Prasad Singh On Himanta Biswa Sarma: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की तीखी टिप्पणी के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने हिमंता के बयान का जवाब देते हुए कहा कि 'खुद ही पागल हैं हिमंता बिस्वा सरमा', जबकि राहुल गांधी एक समझदार नेता हैं जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के 'मनु स्मृति' पर दिए गए बयान से हुई, जिस पर हिमंता ने आरोप लगाया था कि राहुल हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण का इस्तेमाल करते हैं। इस बीच अखिलेश प्रसाद सिंह ने पटना में छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए बिहार सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की भी अपील की।
दरअसल, यह विवाद 'मनु स्मृति' पर राहुल गांधी के हालिया बयान के बाद शुरू हुआ है। असम के मुख्यमंत्री ने राहुल की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ हिंदू धर्म को निशाना बनाने और उसे बदनाम करने के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे का इस्तेमाल एक बहाने के तौर पर करते हैं। साथ ही, हिमंता ने कहा कि राहुल गांधी पागल है, पागल था, वो पागल ही रहेगा।
इस पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, 'ऐसा बयान दे रहे हैं। वे खुद ही पालन हैं। राहुल गांधी एक समझदार व्यक्ति हैं। जब भी युवाओं या किसी और के साथ अन्याय होता है, तो वे हमेशा न्याय के लिए लड़ते हैं।'
वहीं, कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने पटना में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कहा, "छात्रों का आक्रोश और गुस्सा इस अहंकारी सरकार के दरवाजे तक पहुंच गया है। अगर सरकार अब भी चेतावनी पर ध्यान नहीं देती, अगर इस गुस्से और आक्रोश को नहीं समझती, तो सरकार के लिए आगे मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।"
उन्होंने कहा कि बच्चे आवाज उठा रहे हैं। उनकी जायज मांगें हैं। सरकार को निश्चित रूप से उनकी मांगों को मानना चाहिए। उनके भविष्य का सवाल है और भविष्य जब अंधकारमय लगेगा तो इस तरह का आंदोलन और बढ़ेगा, जिससे सरकार की कठिनाई भी बढ़ेगी।
बता दें कि पटना में मंगलवार को बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा को सिंगल-स्टेज करने और नेगेटिव मार्किंग हटाने जैसी मांगों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया, जबकि पत्थरबाजी में टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए।