पुणे में 90% स्कूल बसें फिटनेस पास, बिना प्रमाणपत्र चल रहीं 800 गाड़ियों पर RTO की सख्ती

Pune RTO Campaign: पुणे आरटीओ के विशेष अभियान में 90% स्कूल वाहनों को मिला फिटनेस सर्टिफिकेट। नियमों का उल्लंघन कर रही 793 बसों और 19 वैन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी।
Pune RTO reports 90% of school transport vehicles have obtained mandatory fitness certificates; strict action initiated against 800 defaulting vehicles.
स्कूल बस (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pune School Bus Fitness: पुणे प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया विशेष फिटनेस अभियान सफल रहा है। विभाग के अनुसार, शहर में संचालित लगभग 90 प्रतिशत स्कूल बसों और वैन ने अनिवार्य फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है। हालांकि, करीब 800 वाहन अब भी बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर संचालित हो रहे हैं, जिनके खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छुट्टी के दिन भी की गई फिटनेस जांच

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को देखते हुए आरटीओ ने वाहन मालिकों की सुविधा के लिए शनिवार और रविवार को भी फिटनेस जांच की विशेष व्यवस्था की थी। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक स्कूल वाहनों की समय पर जांच कराकर बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना था।

793 बसें और 19 वैन अब भी नियमों के दायरे से बाहर

आरटीओ के आंकड़ों के अनुसार, पुणे शहर में पंजीकृत 7,339 स्कूल बसों में से 6,546 बसों ने फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है, जबकि 793 बसें अब भी बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित हो रही हैं। इसी प्रकार 113 स्कूल वैन में से 94 वैन के पास फिटनेस प्रमाणपत्र है, जबकि 19 वैन अभी भी नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।

वार्षिक फिटनेस जांच है अनिवार्य

आरटीओ ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक रूप से विद्यार्थियों का परिवहन करने वाले सभी वाहनों के लिए हर वर्ष फिटनेस जांच कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों से भी की गई अपील

उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी स्वप्नील भोसले ने कहा कि जिन वाहन मालिकों ने अब तक फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं लिया है, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, चालक का लाइसेंस, सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक मानकों की स्वयं जांच करें, ताकि बच्चों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

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