पुणे मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

5,500 करोड़ की बकाया वसूली के लिए PMC का बड़ा एक्शन, बड़े डिफॉल्टर्स पर सीलिंग कार्रवाई शुरू

Pune Municipal Corporation ने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए 58 संपत्तियां सील कर दीं। 5,500 करोड़ रुपये की वसूली के लक्ष्य के बीच प्रशासन ने बड़े डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं।

अपूर्वा नायक

PMC Action On Property Tax Recovery: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपना लिया है।

मंगलवार, 3 फरवरी को विशेष जब्ती अभियान के तहत प्रशासन ने शहर की 58 संपत्तियों को सील कर दिया। इन परिसरों पर जब्ती के नोटिस चस्पा किए जाने से बड़े बकायेदारों में हड़कंप मच गया है।

भारी वसूली का लक्ष्य

पुणे महानगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार, अदालती विवादों और मोबाइल टावर जैसे तकनीकी मामलों को छोड़कर भी प्रशासन को लगभग 5,500 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलनी है। राजस्व घाटे को कम करने और शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए टैक्स कलेक्शन विभाग ने अब सीधे 'सीलिंग' की कार्रवाई शुरू की है।

राहत की बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक 2,604 करोड़ रुपये का टैक्स जमा हो चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 600 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले साल इसी अवधि तक केवल 2,007 करोड़ रुपये ही वसूले गए थे। हालांकि, लक्ष्य अभी भी काफी दूर है, इसलिए प्रशासन ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

अभियान होगा और तेज

टैक्स कलेक्शन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा। बड़े डिफॉल्टर्स को चिह्नित कर लिया गया है और उनकी संपत्तियों की सूची तैयार है। चूंकि प्रॉपर्टी टैक्स ही मनपा की आय का मुख्य स्रोत है, इसलिए प्रशासन अब शत-प्रतिशत वसूली के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने अपील की है कि नागरिक जब्ती और कुर्की जैसी स्थिति से बचने के लिए स्वेच्छा से अपना बकाया टैक्स तुरंत जमा करें।

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