Pune PMC 23 Merged Villages Development: पुणे मनपा में शामिल 23 गांवों के सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महानगर पालिका की सामान्य सभा ने इन गांवों के लिए प्रारूप विकास योजना तैयार करने के इरादे की घोषणा को मंजूरी प्रदान कर दी है। साथ ही नगर रचना अधिकारी की नियुक्ति को भी स्वीकृति मिल गई है। इस निर्णय से करीब 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले गांवों के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन गांवों की विकास योजना से संबंधित प्रस्ताव पहले शहर सुधार समिति के समक्ष रखा गया था। समिति से मंजूरी मिलने के बाद इसे सामान्य सभा में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। प्रस्ताव के अनुसार, अब पुणे मनपा खुद इन गांवों के लिए विकास प्रारूप तैयार करेगी। इसके लिए नियमानुसार इरादा घोषित करना और नगर रचना अधिकारी की नियुक्ति आवश्यक थी। सामान्य सभा की मंजूरी के साथ ही विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया गया है।
पुणे मनपा प्रशासन ने शहर अभियंता अनिरुद्ध पावसकर को नगर रचना अधिकारी नियुक्त किया है। प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से पिछले पांच वर्षों से लंबित विकास योजनाओं को गति मिलेगी और समाविष्ट गांवों के नियोजनबद्ध विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। गौरतलब है कि इससे पहले इन क्षेत्रों का विकास नियोजन का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के पास थी। पीएमआरडीए द्वारा तैयार किए गए विकास प्रारूप पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इसके अलावा कई तकनीकी त्रुटियां भी सामने आई थीं। इन कारणों से राज्य सरकार ने 27 सितंबर 2025 को उक्त विकास प्रारूप को रद्द कर दिया था। इसके बाद से इस क्षेत्र में वर्ष 1997 की प्रादेशिक विकास योजना ही लागू है। मनपा और जनप्रतिनिधियों के लगातार प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने 11 फरवरी 2026 को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पीएमआरडीए का विशेष नियोजन प्राधिकरण का दर्जा समाप्त कर दिया। साथ ही इन 23 गांवों के नियोजन संबंधी सभी अधिकार पुणे मनपा को सौंप दिए गए।
प्रशासन के अनुसार विकास प्रारूप तैयार करने के लिए तीन चरणों में विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा। इस दौरान मौजूदा निर्माण, भू-उपयोग, सड़क नेटवर्क और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एकत्रित की जाएगी। आधुनिक तकनीक के तहत ड्रोन सर्वेक्षण और उपग्रह चित्रों का उपयोग कर पूरे क्षेत्र का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास योजना तैयार की जाएगी।
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इसके लिए एक विशेष समिति का भी गठन किया जाएगा। समिति में स्थायी समिति के तीन सदस्य शामिल होंगे, जबकि राज्य सरकार चार सदस्यों को नामित करेगी। यह समिति सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, सार्वजनिक आरक्षण, सामाजिक सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचों की योजना तैयार करेगी।
पुणे शहर के अभियंता ने बाताया की अनिरुद्ध पावसकर नई विकास योजना से अनियोजित नागरिकों को बेहतर सुविधाओं के साथ क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।