वैकुंठ श्मशान   सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे में वैकुंठ श्मशान पर दबाव घटाने की तैयारी, 7 जगहों पर गैस शवदाह गृह बनाने की योजना

Pune Municipal Corporation: पुणे की वैकुंठ श्मशान भूमि पर दबाव घटाने PMC 7 स्थानों पर गैस शवदाह गृह बना रही है। बाणेर, खराड़ी व महंमदवाड़ी में काम पूरा, जबकि 3 जगहों पर विरोध जारी है।

रूपम सिंह

PMC Vaikunth Crematorium Pressure Decentralization Pune: पुणे शहर के मध्यवर्ती हिस्से में स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि पर लगातार बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए पुणे मनपा ने अंतिम संस्कार की सुविधाओं के विकेंद्रीकरण की तैयारी शुरू की है। मनपा के विद्युत विभाग ने शहर के विस्तारित और नए क्षेत्रों में 7 स्थानों पर गैस शवदाह गृह स्थापित करने का नियोजन किया है।

इनमें महंमदवाड़ी, खराड़ी और बाणेर में काम पूरा हो चुका है, जबकि म्हालुंगे में काम जारी है। येवलेवाड़ी, उत्तमनगर और खड़कवासला में स्थानीय विरोध के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई है।

इन स्थानों पर सुविधा का विरोध

पुणे मनपा की योजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय विरोध बन गया है। येवलेवाड़ी, उत्तमनगर और खड़कवासला में नागरिकों ने प्रस्तावित गैस शवदाह गृह को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सुविधा शुरू होने के बाद शहर के अन्य हिस्सों से भी शव अंतिम संस्कार के लिए यहां लाए जा सकते हैं, जिससे स्थानीय श्मशानभूमियों पर दबाव बढ़ सकता है।

येवलेवाड़ी में स्थानीय विधायक की मध्यस्थता के बाद विरोध कुछ कम हुआ है। हालांकि, उत्तमनगर और पुणे खड़कवासला में आपत्ति अभी कायम है। मनपा अब स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

मांग वाले क्षेत्रों की भी लंबी सूची

  • एक ओर प्रस्तावित सुविधाओं का विरोध हो रहा है, वहीं कई इलाकों में गैस शवदाह गृह की मांग भी उठ रही है।

  • मांजरी, रामटेकड़ी, नांदेड़ सिटी, धायरी और सुतारवाडी की श्मशान भूमियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आधुनिक शवदाह गृह स्थापित करने की मांग मनपा से की है।

  • नांदेड़ सिटी में श्मशानभूमि की जमीन अभी मनपा के कब्जे में नहीं आई है। इसलिए वहां की योजना जमीन हस्तांतरण पर निर्भर है। धायरी में आधुनिक तकनीक वाला शवदाह गृह बनाने की जानकारी प्रशासन ने दी है।

शास्त्रीनगर के लिए 7.5 करोड़ का विस्तार

वैकुंठ पर दबाव कम करने के लिए कोथरूड स्थित शास्त्रीनगर श्मशान भूमि के पुनर्विकास की भी योजना है। मनपा करीब 7.5 करोड़ रुपये खर्च कर यहां तीन लकड़ी की चिताएं और एक गैस शवदाह गृह बनाएगी। पेठ क्षेत्र से बड़ी संख्या में परिवार कोथरुड और सिंहगढ़ रोड इलाके में रहने लगे हैं, लेकिन मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए अब भी वैकुंठ श्मशानभूमि को प्राथमिकता दी जाती है।

इससे मध्यवर्ती क्षेत्र की श्मशानभूमि पर अतिरिक्त भार पड़ता है। शास्त्रीनगर में सुविधाएं बढ़ने से आसपास के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर विकल्प उपलब्ध होगा। मनपा के अनुसार महंमदवाडी, खराड़ी और बाणेर में गैस शवदाह गृह का काम पूरा हो चुका है और म्हालुंगे में काम प्रगति पर है।

मध्यवर्ती पेठ क्षेत्र की वैकुंठ श्मशान भूमि पर दबाव कम करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में गैस शवदाह गृह स्थापित किए जा रहे है। चार स्थानों पर काम पूरा हो चुका है। शेष तीन स्थानों पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से चर्चा कर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
मनीषा शेकटकर, विद्युत विभाग, पुणे मनपा

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन मामले में एक्शन, धारा 163 के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर; मामले में कौन बना आरोपी?

राहुल गांधी ने लॉन्च किया सत्याग्रह प्लेटफॉर्म, संसद से सड़क तक साथ देने का किया वादा, बताया इसका उद्देश्य

Pargat Singh: पूरी लगन से करूंगा सेवा, पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही बोले परगट सिंह, पार्टी का जताया आभार

आंध्र प्रदेश में दवा फैक्ट्री में फटा बॉयलर, चार लोगों ने तोड़ा दम; जांच में जुटी पुलिस

भारतीय एजेंसी के हत्थे चढ़ा एक और कुख्यात! तुर्की से नवप्रीत सिंह को डिपोर्ट कर लाया, कैसे हुआ था फरार?