

Pune Women Safety Sensitive Spots Street Light Delay: बोपदेव घाट की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए शहर के 274 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए, लेकिन करीब दो साल बाद भी 109 जगहें अंधेरे में हैं।
पुलिस ने इन स्थानों पर स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी लगाने की जरूरत बताई थी। मनपा के अनुसार, 165 जगहों पर रोशनी की व्यवस्था हो चुकी है, जबकि 24 प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर काम अब भी अधूरा है।
चतुःशृंगी, पाषाण-सुतारवाड़ी और औंध-बालेवाड़ी जैसे इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से अहम स्थानों पर रोशनी का इंतजार जारी है। खतरे की पहचान के बावजूद सुरक्षा इंतजामों में हो रही देरी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोपदेव घाट की घटना के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था का सर्वे कराया था।
सुनसान सड़कें, पहाड़ी क्षेत्र, अधूरे निर्माण स्थल, खुले मैदान और कम आवाजाही वाले इलाकों को संभावित जोखिम वाला मानते हुए 274 स्थान चिन्हित किए गए थे। पुलिस ने इन जगहों पर पर्याप्त रोशनी के साथ सीसीटीवी लगाने की आवश्यकता बताई थी।
मनपा के विद्युत विभाग के अनुसार, सूची में शामिल 165 स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था की जा चुकी है। कुछ जगहों पर पहले से स्ट्रीट लाइट उपलब्ध होने की बात भी प्रशासन ने कही है।
इसके बावजूद शेष 109 स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त रोशनी उपलब्ध नहीं है।
पुणे पुलिस द्वारा दी गई सूची के अनुसार प्रकाश व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे है। कुछ स्थान निजी है, इसलिए वहां मनपा सीधे प्रकाश योजना लागू नहीं कर सकती है। जहां आवश्यकता है, वहां स्ट्रीट लाइट लगाने का काम किया जा रहा है।
मनीषा शेकटकर, विभाग प्रमुख, विद्युत विभाग, पुणे मनपा
मनपा और पुलिस विभाग उंगली उठा रहे हैं। वास्तव में पुणेकरों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। अति संवेदनशील स्थानों पर स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी लगाना जरूरी है। प्रशासन को तत्काल आवश्यक जगहों पर प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी उपलब्ध कराना चाहिए।
रोहन सुरवसे पाटिल, सामाजिक कार्यकर्ता
महिला सुरक्षा को लेकर हुई समीक्षा बैठक में कई संवेदनशील स्थानों की स्थिति सामने आई। केंद्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के प्रस्तावित पुणे दौरे की पृष्ठभूमि में हुई बैठक में सुनसान और जोखिम वाले स्थानों पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। इस दौरान चतुः शृंगी तथा औंध-बालेवाड़ी क्षेत्र की कई जगहों पर अब तक बिजली के खंभे और स्ट्रीट लाइट नहीं लगने की
जानकारी सामने आई, पाषाण-सुतारवाड़ी के तालाब परिसर, बालेवाड़ी स्थित मिटकॉन कॉलेज के पीछे का खुला क्षेत्र, बालेवाड़ी पुराना जकात नाका और औंध गांव के नदी किनारे का परिसर भी संवेदनशील स्थानों में शामिल हैं। चतुः शृंगी पहाड़ी का कुछ हिस्सा वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में है, जबकि पाषाण जलशुद्धीकरण केंद्र जलापूर्ति विभाग के अधीन आता है।
प्रकाश व्यवस्था से वंचित 24 प्रमुख स्थानों को लेकर मनपा ने निजी जमीन, कब्जे और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकार क्षेत्र का मुद्दा उठाया है। कुछ जगहों पर मनपा का प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं होने के कारण काम शुरू करने में तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही है।