पुणे सारसबाग पर्वती रोप सोर्स- सोशल मीडिया, प्रतीकात्मक तस्वीर
पुणे

पुणे में 750 मीटर रोप-वे परियोजना को रफ्तार, सलाहकार नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी

Pune Municipal Corporation: पुणे में सारसबाग से पर्वती तक 750 मीटर लंबी रोप-वे परियोजना के लिए PMC स्थायी समिति ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

रूपम सिंह

Highlights

  • सारसबाग-पर्वती रोप-वे के सलाहकार नियुक्ति प्रस्ताव को मंजूरी।

  • डीपीआर और तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता की जांच होगी।

  • प्रस्तावित रोप-वे ढाई मिनट में सफर और 1,500 यात्री प्रति घंटे ले जाने में सक्षम होगा।

Pune Sarasbaug Parvati Ropeway: पुणे में पर्यटन को बढ़ावा देने और सारसबाग से पर्वती तक पहुंच आसान बनाने के लिए प्रस्तावित 750 मीटर लंबी रोप-वे परियोजना की दिशा में मनपा ने एक कदम आगे बढ़ाया है। इस परियोजना के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट यानी परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्थायी समिति ने मंजूरी दे दी है।

सलाहकार की जिम्मेदारी परियोजना की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता जांचने, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निविदा प्रक्रिया पूरी कराने तक होगी।

हालांकि, रोप-वे का निर्माण और संचालन अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। सलाहकार की रिपोर्ट के आधार पर ही परियोजना के क्रियान्वयन का फैसला लिया जाएगा। स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भीमाले के मुताबिक, रोप-वे परियोजना इलेट्रिकल और मैकेनिकल तकनीक पर आधारित है।

इसके नियोजन, तकनीकी परीक्षण और निविदा प्रक्रिया के लिए पुणे मनपा के पास आवश्यक विशेषज्ञ मनुष्यबल उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से बाहरी विशेषज्ञ एजेंसी की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है।

सलाहकार को मिलेगी 2।54 करोड़ रुपये से अधिक राशि

सलाहकार की नियुक्ति के लिए मनपा ने अगस्त 2026 में निविदाएं आमंत्रित की थीं। प्रस्तावित शर्तों के अनुसार, सलाहकार को परियोजना की कुल लागत का 1.27 प्रतिशत अथवा न्यूनतम 2 करोड़ 54 लाख रुपये, इन दोनों में से जो राशि अधिक होगी, वह शुल्क के रूप में दी जाएगी। इस पर जीएसटी और अन्य लागू कर अलग से देने होंगे यानी परियोजना की लागत बढ़ने पर सलाहकार का शुल्क भी बढ़ सकता है।

पीपीपी मॉडल पर भी होगा अध्ययन

सलाहकार सबसे पहले प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करेगा। इसके बाद पुणे शहर में पर्यटन परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट, अनुमानित लागत, तकनीकी डिजाइन और निविदा की शर्तें तैयार की जाएंगी। परियोजना के लिए जरूरी सरकारी विभागों और संबंधित प्राधिकरणों से अनुमति लेने की प्रक्रिया भी तय की जाएगी।

इसके साथ ही परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) अथवा डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस ऑपरेट-ट्रांसफर (डीबीएफओटी) मॉडल पर लागू करना आर्थिक रूप से कितना व्यवहार्य होगा, इसका अध्ययन किया जाएगा। निविदा में हिस्सा लेने वाली कंपनियों की तकनीकी और आर्थिक पात्रता का मूल्यांकन भी सलाहकार करेगा। चयनित एजेंसी को कार्यदिश जारी करने तक की प्रक्रिया इसी के माध्यम से पूरी की जाएगी।

एक घंटे में 1,500 यात्रियों को ले जाने का लक्ष्य

प्रस्तावित योजना के अनुसार, पेशवे पार्क से पर्वती तक करीब 750 मीटर लंबा रोप-वे बनाया जाएगा, इस मार्ग पर 12 से 40 मीटर ऊंचाई वाले पांच टावर खड़े किए जाने की योजना है। यात्रियों के आवागमन के लिए 8 लोगों की क्षमता वाली 22 केबिन प्रस्तावित है। योजना के मुताबिक, रोप-वे से पेशवे पार्क से पर्वती तक का सफर महज ढाई मिनट में पूरा हो सकेगा।

इसकी एक दिशा में प्रति घंटे 1,500 यात्रियों को ले जाने की क्षमता प्रस्तावित है। फिलहाल ये आंकड़े प्रस्तावित परियोजना की योजना का हिस्सा हैं, सलाहकार द्वारा तैयार की जाने वाली डीपीआर और तकनीकी-आर्थिक अध्ययन के बाद इनमें बदलाव भी संभव है। ऐसे में रोप-वे की वास्तविक लागत, निर्माण की समयसीमा, संचालन का मॉडल और यात्रियों के लिए किराया जैसे अहम पहलुओं पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

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