

पुणे मेट्रो लाइन-3 का लोकार्पण 3 नवंबर को होगा।
4 नवंबर सुबह 6 बजे से यात्री सेवा शुरू होगी।
पहले चरण में 17 स्टेशन खुलेंगे, किराया ₹12 से ₹62 तक होगा।
Pune Metro Inauguration: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ वासियों की बहुप्रतीक्षित तथा हिंजवड़ी आईटी क्षेत्र के भारी ट्रैफिक जाम को खत्म करने में मील का पत्थर साबित होने वाली 'पुणे मेट्रो लाइन-3' (माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर) आम जनता की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर तक 23.203 किलोमीटर लंबे पूरी तरह से एलिवेटेड (उन्नत) मेट्रो मार्ग का भव्य लोकार्पण 3 नवंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजीत पवार भी उपस्थित रहेंगे। यह कार्यक्रम म्हालुंगे-बालेवाड़ी स्थित श्री शिव छत्रपति क्रीड़ा संकुल के बैडमिंटन हॉल में सुबह 10:30 बजे में आयोजन किया गया है।
पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के महानगर आयुक्त डॉ। अभिजित चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की है कि इस मार्ग पर 4 नवंबर 2026 की सुबह 6 बजे से नियमित यात्री परिवहन सेवा शुरू हो जाएगी।
आकुर्डी स्थित पीएमआरडीए मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में अतिरिक्त महानगर आयुक्त के। मंजुलक्ष्मी, 'पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सैनी और मुख्य अभियंता रिनाज पठान उपस्थित थे।
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर डीबीएफओटी पद्धति से साकार किया गया यह देश का पहला मेट्रो प्रोजेक्ट है। टाटा और सीमेंस के प्रयास से बनी पीआईटीसीएमआरएल कंपनी ने करीब 8 हजार 313 करोड़ रुपये की लागत से इस पूरे मार्ग का निर्माण किया है।
मेट्रो की पहली ट्रेन सुबह 6 बजे रवाना होगी। पीक आवर्स (गर्दी के समय) में हर 6 मिनट में, जबकि नॉर्मल आवर्स में हर 12 मिनट में ट्रेन उपलब्ध रहेगी। माण स्टेशन से जिला न्यायालय के लिए अंतिम ट्रेन रात 10:30 बजे और जिला न्यायालय से माण के लिए अंतिम ट्रेन रात 11:40 बजे छूटेगी। जिला न्यायालय स्टेशन पर महामेट्रो की लाइन-1 और लाइन-2 से सीधा इंटरचेंज दिया गया है, साथ ही यात्रियों के लिए संयुक्त ऐप और एनसीएमसी कार्ड की सुविधा होगी।
पुणेरी मेट्रो की सभी ट्रेनों की कमान लगभग 100 महिला ट्रेन पायलट संभालेंगी। इसके अलावा स्टेशन कंट्रोलर और अन्य कर्मचारियों में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं होंगी। परियोजना में 7.60 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित की गई है, जिससे 30 प्रतिशत बिजली की जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी होगी।
इस मार्ग पर कुल 23 स्टेशन है, जिनमें से पहले चरण में 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जा रहे है। इनमें माण, हिंजवडी फेज-2 सर्कल-1, पद्मभूषण चौक, कृषि महाविद्यालय और जिला न्यायालय जैसे सात स्टेशनों पर शुरुआत में एक-एक सीढ़ी (एंट्री एग्जिट) खुली रहेगी, जबकि बाकी 10 स्टेशनों पर दोनों सीढ़ियां खुली रहेंगी।
स्टेशन संख्या 13 और 14 का निर्माण कार्य नवंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा, जबकि शेष 4 स्टेशन जनवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से सेवा में शामिल किए जाएंगे। इस पूरे मार्ग को रेलवे सुरक्षा आयुक्त से आवश्यक सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं।
पुणेरी मेट्रो हिंजवड़ी जैसे तेजी से बढ़ते आईटी हब को शहर के मध्यवर्ती भाग से जोड़ने वाली जीवनदायिनी साबित होगी। इस सेवा से हिंजवडी, बाणेर, औंध और शिवाजीनगर क्षेत्रों में दैनिक ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। हमारा अनुमान है कि प्रतिदिन लगभग दो से ढाई लाख नागरिक इस मेट्रो का लाभ उठाएंगे।
डॉ. अभिजित चौधरी, महानगर आयुक्त, पीएमआरडीए
यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर प्रदान करने के लिए एल्सटॉम की अत्याधुनिक वातानुकूलित ट्रेने, सीबीटीसी सिग्नलिंग और 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल प्रणाली लागू की गई है। महामेट्रो और लाइन-3 के लिए संयुक्त टिकट ऐप से नागरिकों का सफर निर्बाध होगा।
अनिलकुमार सैनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीआईटीसीएमआरएल
परियोजना के निर्माण में पर्यावरण 66 संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 28 हजार टन कार्बन उत्सर्जन रोकने के साथ ही 5 हजार 500 पेड़ लगाए गए हैं और 750 पेड़ों का सफलतापूर्वक पुनर्परोपण (ट्रांसप्लांट) किया गया है। गणेशखिंड रोड पर विद्यापीठ चौक के पाषाण रैंप का काम भी दिसंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा।
रिनाज पठान, मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना), पीएमआरडीए