Gaurai Agaman Mukhaute Fiber Idols Price: गणेशोत्सव के उत्साह के बीच अब महाराष्ट्र की पारंपरिक गौराई यानी मां गौरी के आगमन की तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। घर में सुख, समृद्धि और मांगलिकता की प्रतीक मानी जाने वाली गौराई की स्थापना के लिए पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के बाजार सज गए हैं। बाजारों में पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक मुखौटों, नए डिजाइन के गहनों और रेडीमेड कपड़े के मंडपों की खरीदारी बढ़ गई है। खासकर महिलाओं की बाजारों में भीड़ देखने को मिल रही है।
पुणे शहर के पेठों के साथ पिंपरी कैंप, चिंचवडगांव, भोसरी, सांगवी और निगड़ी के बाजारों में गौराई के लिए अलग-अलग तरह के मुखौटे और सजावटी सामान उपलब्ध हैं। पारंपरिक मिट्टी और पीतल के मुखौटों के साथ इस बार फाइबर की मूर्तियों और मुखौटों की भी मांग दिखाई दे रही है। व्यापारियों के अनुसार, टिकाऊपन और आकर्षक फिनिश के कारण ग्राहक फाइबर से बने विकल्पों को भी पसंद कर रहे हैं।
बाजार में केवल चेहरे वाले मुखौटे ही नहीं, बल्कि मुकुट, नथ, हार, चूड़ियों और बारीक नक्काशी वाले आभूषणों से सजे तैयार मुखौटे भी उपलब्ध हैं। गौराई के साथ बच्चों के लिए छोटे मुखौटे और पारंपरिक फेटे भी ग्राहकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
गौराई के स्वागत के लिए महिलाओं में पारंपरिक पैठणी साड़ियों, मोतियों की मालाओं, गजरों, कान और नाक के आभूषणों तथा अन्य श्रृंगार सामग्री की खरीदारी बढ़ी है। बाजार में पूजा और सजावट से जुड़ी सामान्य सामग्री के दाम में इस बार बड़ा बदलाव नहीं होने की बात व्यापारी बता रहे हैं।
हालांकि, मूर्तियों और सजावटी वस्तुओं की कीमत उनके आकार, डिजाइन और इस्तेमाल की गई सामग्री के अनुसार अलग-अलग है।
व्यस्त दिनचर्या के बीच कम समय में घर को आकर्षक तरीके से सजाने की जरूरत ने रेडीमेड कपड़े के मंडप, कृत्रिम फूलों के हार-तोरण और सजावटी सेट की मांग बढ़ा दी है। पिंपरी कैंप के व्यापारी रमेश डोंगा के अनुसार, अलग-अलग आकार और नक्काशी वाले कपड़े के मंडप ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। तैयार मंडपों से घर की सजावट कम समय में पूरी करने का विकल्प मिल रहा है।
इसके अलावा पूजा के लिए जरूरी कलश, दीये, सोनपावले, आशीर्वादी हाथ, हल्दी-कुमकुम, सूखे मेवे, पीले धागे और रुई के हार जैसी सामग्री भी बाजार में उपलब्ध है। गौराई के आगमन को लेकर खरीदारी बढ़ने से बाजारों में त्योहार का माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया है।
| वस्तु | अनुमानित कीमत |
|---|---|
| गौराई के मुखौटे | ₹500 से ₹5,000 |
| फाइबर की मूर्तियां | ₹800 से ₹10,000 |
| पारंपरिक गहने | ₹250 से ₹1,500 |
| मोतियों की मालाएं | ₹100 से ₹500 |
| तैयार कपड़े के मंडप | ₹4,000 से ₹7,000 |
घरों में गौराई को अर्पित किए जाने वाले पारंपरिक व्यंजनों और नैवेद्य की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। पूजा के बाद इन प्रसादों को परिवार और रिश्तेदारों में बांटने की परंपरा है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में भक्ति, परंपरा और आधुनिक सजावट का यह संगम गणेशोत्सव के उत्साह को और बढ़ा रहा है।