

EPFO Wage Ceiling Raised: प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने EPFO वेतन सीमा को 15,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने बुधवार को इस फैसले के बारे में घोषणा की। इस कदम से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के ईपीएफओ के दायरे में आने की उम्मीद है।
अब तक, 15 हजार रूपये से ज्यादा मासिक वेतन वाली नई नौकरी शुरू करने वाले व्यक्ति को अपने-आप EPFO के तहत कवर करने की जरूरत नहीं होती थी।
नई सीमा के साथ, 25 हजार रूपये प्रति माह तक कमाने वाले कर्मचारी लागू नियमों के तहत अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आ जाएंगे। इससे कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड की बचत, पेंशन के फायदे और इंश्योरेंस कवर मिल सकेगा।
EPFO के नए नियम के तहत वेतन सीमा बढ़ने का मतलब यह भी है कि एम्प्लॉयर को कर्मचारी के PF और पेंशन योगदान के लिए ज्यादा रकम देनी होगी। आम तौर पर, एम्प्लॉयर कर्मचारी के PF खाते में वेतन सीमा का 12% योगदान देता है। वेतन सीमा बढ़ने से एम्प्लॉयर का योगदान भी बढ़ जाएगा। दूसरी ओर, कर्मचारी की टेक-होम सैलरी कम हो जाएगी।
सितंबर 2014 में वेतन सीमा को आखिरी बार बढ़ाकर 15 रूपये किया गया था। सरकार ने कहा कि हालिया बढ़ोतरी में वेतन और आय में हुई वृद्धि और पिछले 12 सालों में औपचारिक रोजगार के विस्तार को ध्यान में रखा गया है। दायरा बढ़ने से सालाना सरकारी खर्च लगभग 11,339 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि अभी यह सालाना बजट सपोर्ट के तौर पर लगभग 10,250 करोड़ रुपये है। पांच साल में अनुमानित खर्च लगभग 56,696 करोड़ रुपये है।
नई नीति की घोषणा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विश्वकर्मा जयंती से एक दिन पूर्व मोदी जी ने देश के श्रमिकों को बड़ा तोहफा दिया है। आज केन्द्रीय कैबिनेट ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने की मंजूरी दी। इससे 51 लाख से अधिक कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे और उन्हें प्रोविडेंट फंड, EPS पेंशन तथा EDLI बीमा का लाभ मिलेगा।