पिंपरी-चिंचवड में यातायात की समस्या (सोर्स: सोशल मीडिया) 
पुणे

ट्रैफिक में फंस गया विकास, दलबदल से किसका उद्धार? पिंपरी-चिंचवड मनपा में प्रभाग 26 बना सबसे हॉट सीट

Pimpri Chinchwad Election: पिंपरी-चिंचवड मनपा चुनाव में पिंपले निलख प्रभाग 26 सबसे रोचक बना है। दलबदल, अधूरे विकास कार्य और स्थानीय मुद्दों ने भाजपा के किले को चुनौती दी है।

आकाश मसने

Pimpri Chinchwad Municipal Corporation Election: पुणे जिले की पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के चुनाव में इस बार पिंपले निलख (प्रभाग 26) की जंग सबसे रोमांचक मोड़ पर है। कभी भाजपा के अभेद्य किले के रूप में पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में अब दलबदल और जमीनी असंतोष ने समीकरणों को उलझा दिया है। मतदाताओं के बीच विकास की अधूरी योजनाओं और जातीय ध्रुवीकरण को लेकर गहरी चर्चा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार जनता पार्टी निष्ठा को तवज्जो देगी या व्यक्तिगत चेहरे और स्थानीय मुद्दों पर मुहर लगाएगी।

दलबदल वाली राजनीतिक बिसात

पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में पिंपले निलख (प्रभाग क्रमांक 26) इस बार शहर की राजनीति का सबसे दिलचस्प केंद्र बन गया है। कभी 'उपेक्षित' माना जाने वाला यह क्षेत्र आज दलबदल, विकास की अधूरी उम्मीदों और जातीय समीकरणों के चौराहे पर खड़ा है। 2017 के चुनावों में भाजपा ने यहां क्लीन स्वीप की थी। भाजपा से कस्पटे संदीप, चोंधे आरती, ममता गायकवाड और तुषार कामठे ने चुनाव में जीत हासिल की थी। लेकिन कार्यकाल के दौरान ही तुषार कामठे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का दामन थाम लिया था, जबकि कई प्रमुख विपक्षी नेताओं का भाजपा में शामिल होना, चुनावी गणित को उलझा चुका है। पिछले चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के अलग-अलग लड़ने से वोटों का जो बिखराव हुआ था, उसका सीधा लाभ भाजपा को मिला था। इस बार दलबदल के कारण 'वोट बैंक' का यह ट्रांसफर भाजपा की जीत की राह आसान करेगा या भीतरघात का कारण बनेगा, यह देखना चुनौतीपूर्ण होगा।

मतदाता वर्ग की अपेक्षाएं पिछले तीन

दशक में यहां तेजी से विकास हुआ है। इस प्रभाग में कुल 65,488 मतदाता हैं। यहां का 30% मध्यमवर्गीय मतदाता सब्जी मंडी और छोटे व्यापार के अवसरों की मांग कर रहा है, जबकि आलीशान सोसायटियों में रहने वाला वर्ग सुरक्षा (पुलिस चौकी) और डिजिटल गवर्नेस चाहता है।

चुनाव में कैसा है क्षेत्र का मिजाज?

प्रभाग 26 की भौगोलिक संरचना इसे तीन अलग-अलग चुनावी मिजाजों में बांटती है। पिपले निलख गांवठान का मुख्य मुद्दा बुनियादी ढांचा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की समस्या है, तो वहीं विशाल नगर का इलाका गगनचुंबी इमारतों वाला विकसित क्षेत्र हैं।

यहां के लोग भारी टैक्स तो भर ही रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें ट्रैफिक जाम, कचरा कुप्रबंधन और कम पानी की आपूर्ति जैसी समस्याएं मिल रही है। इसी तरह, वाकड क्षेत्र में उच्च वर्गीय और शिक्षित मतदाताओं की आबादी है, जो फुटपाथों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर बेहद संवेदनशील है।

मतदाताओं पर एक नजर

  • कुल मतदाता : 65,488
  • पुरुष मतदाता : 34,817
  • महिला मतदाता : 30,666
  • अन्य मतदाता : 05
  • एससी मतदाता: 7,172
  • एसटी मतदाता: 1,214

वर्तमान में जारी विकास कार्यों की 'धीमी गति' सत्तापक्ष के लिए सिरदर्द बनी हुई है। पिंपले निलख से रक्षक चौक के बीच निर्माणाधीन फ्लाईओवर और सैन्य क्षेत्र के पास लगने वाला ट्रैफिक जाम लोगों के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। यहां का फ्लाईओवर पूरी तरह राहत देने में विफल रहा है, जिससे नौकरीपेशा वर्ग और छात्रों में आक्रोश है।

- पुणे से नवभारत लाइव के लिए अमोल यलमार की रिपोर्ट

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