Pimpri Chinchwad Swachhata Hi Seva Campaign: कचरा समझकर फेंक दी गई वस्तुओं का रचनात्मक इस्तेमाल कर सार्वजनिक स्थल की तस्वीर बदली जा सकती है। इसका उदाहरण चर्होली बुद्रुक के वाघेश्वर घाट परिसर में देखने को मिला।
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की ओर से 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत यहां सफाई के साथ ही बेकार वस्तुओं से परिसर का सौंदर्याकरण किया गया। इससे पहले कचरे से बदहाल नजर आने वाला सार्वजनिक क्षेत्र अब आकर्षक दिखाई देने लगा है।
नया रूप महानगरपालिका के 'इ' क्षेत्रीय कार्यालय की पहल पर प्रभाग क्रमांक-3 के साठेनगर परिसर में यह अभियान चलाया गया। वाघेश्वर घाट के आसपास सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरा हटाया गया। इसके बाद नागरिकों द्वारा उपयोग के बाद छोड़ी गई विभिन्न वस्तुओं को एकत्र कर उनकी रंगाई-पुताई की गई।
इन वस्तुओं का कलात्मक तरीके से इस्तेमाल करते हुए सार्वजनिक जगह को सजाया गया। पुराने और अनुपयोगी सामान को आकर्षक रूप देकर परिसर को नया रूप दिया गया। इससे जहां स्वच्छता का संदेश गया, वहीं कचरे के पुनर्वापर की संभावनाएं भी सामने आईं।
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने कहा कि सार्वजनिक परिसर को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उपलब्ध जगहों का सौंदर्गीकरण और अनुपयोगी वस्तुओं का रचनात्मक इस्तेमाल करने से किसी भी परिसर का स्वरूप बदला जा सकता है। स्वच्छ और सुंदर पिंपरी-चिंचवड़ बनाने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उपायुक्त डॉ. प्रदीप ठेंगल ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के माध्यम से नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों से गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग जमा कर पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की घंटागाड़ी में देने की अपील की गई। अभियान के दौरान नागरिकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका ने इस पहल के जरिए संदेश दिया कि कचरे का उचित वर्गीकरण और पुनः इस्तेमाल न केवल स्वच्छता में मदद करता है, बल्कि सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने में भी उपयोगी साबित हो सकता है।डॉ. प्रदीप ठेंगल, उपायुक्त, पिचि मनपा