

PCMC Water Supply Unauthorized Connections Survey: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में पानी की चोरी और लीकेज रोकने के महानगरपालिका (मनपा) के दावों की पोल अनधिकृत नल कनेक्शनों के आंकड़ों ने खोल दी है। वर्ष 2023 में नागरिकों को खुद कनेक्शन नियमित कराने का मौका देने के बावजूद अपेक्षित नतीजा नहीं मिला।
इसके बाद मनपा ने ठेकेदार के जरिए सर्वेक्षण शुरू किया। करीब दो वर्ष से चल रहे इस अभियान में अब तक 3 लाख 7 हजार 950 संपत्तियों की जांच में 17 हजार 500 अनधिकृत नल कनेक्शन मिले हैं। इनमें से 13 हजार 500 को ही अधिकृत किया गया है यानी चार हजार कनेक्शन अब भी अनधिकृत हैं।
प्रशासन के अनुसार, शहर में ऐसे कनेक्शनों की वास्तविक संख्या 25 हजार से अधिक हो सकती है। शहर में पानी की करीब 40 प्रतिशत मात्रा लीकेज और चोरी में जाने का दावा पानी आपूर्ति विभाग करता है। इसके बावजूद अनधिकृत कनेक्शनों पर प्रभावी कार्रवाई करने में
प्रशासन को वर्षों लग रहे हैं। पानी चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में विशेष मुहिम शुरू की गई थी। नागरिकों को कनेक्शन नियमित कराने के लिए तीन बार समयावधि बढ़ाई गई और जमानत राशि भी माफ की गई। इसके बावजूद आठ क्षेत्रीय कार्यालयों में महज 1,673 आवेदन आए। इसके बाद मनपा ने जिम्मेदारी ठेकेदार के हवाले कर दी।
अनधिकृत नल कनेक्शनों का सर्वेक्षण और मीटर लगाने के लिए दिसंबर 2024 से ठेकेदार के माध्यम से 32 करोड़ रुपये का काम शुरू किया गया। इसकी अवधि 24 महीने निर्धारित की गई है। अब तक किए गए सर्वेक्षण में 17 हजार 500 अनधिकृत कनेक्शन सामने आए हैं। इनमें से 13 हजार 500 कनेक्शनों को नियमित कर मीटर लगाए जा चुके हैं और उनके पानी बिल की वसूली भी शुरू कर दी गई है।
शेष कनेक्शनों का सत्यापन जारी है। सर्वेक्षण की निर्धारित अवधि पूरी होने में अब करीब चार महीने बाकी हैं। विभाग का दावा है कि दिसंबर तक सर्वेक्षण पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, शहर में 25 हजार से अधिक अनधिकृत कनेक्शन होने के प्रशासन के अनुमान के मुकाबले अब तक सामने आए आंकड़े व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करते हैं।
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में करीब 7 लाख 84 हजार पंजीकृत संपत्तियां हैं, जबकि अधिकृत नल कनेक्शनधारकों की संख्या लगभग दो लाख है। हाउसिंग सोसायटियों के सामूहिक कनेक्शन और अनधिकृत कनेक्शनों के कारण संपत्तियों की तुलना में नल कनेक्शनों की संख्या कम होने का दावा प्रशासन करता है, लेकिन इतने बड़े अंतर के बावजूद कनेक्शन व्यवस्था को व्यवस्थित करने में बरती गई सुस्ती से पानी चोरी और राजस्व नुकसान का मुद्दा गंभीर बन गया है।
पिंपरी-चिंचवड़ शहर को पवना बांध से 520 एमएलडी, आंद्रा बांध से 90 एमएलडी और एमआईडीसी से 30 एमएलडी। कुल 640 एमएलडी पानी प्रतिदिन मिलता है। विभाग के अनुसार करीब 40 प्रतिशत पानी लीकेज और चोरी में चला जाता है। अनधिकृत कनेक्शनों को नियमित कर मीटर लगाने से चोरी और लीकेज कम होने तथा पानी बिल से आय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अनधिकृत कनेक्शन नियमित करने के बाद लगाए जा रहे मीटर का खर्च भी संबंधित कनेक्शनधारकों से वसूला जाएगा। आवासीय और गैर-आवासीय इमारतों में कनेक्शन के व्यास के अनुसार एक मीटर पर 10 हजार रुपये या उससे अधिक खर्च आता है। यह राशि पानी बिल में हर महीने 150 रुपये की किस्त के रूप में वसूल की जाएगी,
दिसंबर तक चलेगा सर्वेक्षण का सर्वेक्षण और मीटर लगाने के लिए ठेकेदार के माध्यम से 32 करोड़ रुपये का काम शुरू किया गया। सर्वेक्षण दिसंबर तक जारी रहेगा और अनधिकृत पाए गए कनेक्शनों को नियमित कर मीटर लगाए जाएंगे।
महेश बरिदे, कार्यकारी अभियंता, जलापूर्ति विभाग, मनपा