Pimpri Chinchwad Garbage App PCMC: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में कचरा संग्रहण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मनपा ने कई अहम फैसले किए हैं। अब नागरिक मोबाइल ऐप के जरिए अपने घर के पास घंटागाड़ी के पहुंचने का समय जान सकेंगे। वहीं, कचरा वाहन बंद रहने या सेवा में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सीधे मामला दर्ज किया जाएगा। मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने अगले आठ दिनों में शहर में कहीं भी कचरा जमा नहीं रहने का लक्ष्य तय किया है।
आयुक्त ने ठेकेदारों को घंटागाड़ियों और मनुष्यबल की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में पुणे शहर में 335 कचरा वाहन काम कर रहे हैं, लेकिन इनसे पूरे शहर का कचरा नियमित रूप से उठाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के अनुसार, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था वाले शहरों में करीब 1,000 घरों के लिए एक घंटागाड़ी उपलब्ध होती है, जबकि पिंपरी-चिंचवड़ में लगभग 2,500 घरों पर एक वाहन का दबाव है।
कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी अब स्वास्थ्य निरीक्षकों पर भी तय की जाएगी। इसके साथ ही शहर की सीमा के बाहर से रात के समय कचरा लाकर शहर में डालने वालों पर कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
मनपा ने कचरा प्रसंस्करण के लिए 12 स्थानों का चयन किया है। इनमें छह जगहों पर सूखे कचरे के प्रसंस्करण प्रकल्प शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक प्रभाग में कचरा हस्तांतरण केंद्र बनाने की भी योजना है।
बड़े कचरा उत्पादकों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा पैदा करने वाले प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण और पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए 20 संस्थाओं का पैनल बनाया जाएगा, जो हाउसिंग सोसायटियों के साथ मिलकर कचरा प्रसंस्करण का काम संभालेगा। इससे सोसायटी स्तर पर प्रतिदिन करीब 250 टन कचरे के निपटारे की उम्मीद है।
इस बीच, बंद पड़े ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्रकल्प की चिमनी की मरम्मत इस महीने के अंत तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। अक्टूबर में प्रकल्प दोबारा शुरू होने पर प्रतिदिन करीब 1,000 टन कचरे का निपटारा और बिजली उत्पादन किया जा सकेगा। इसके प्रदर्शन और कचरा निपटारे का ऑडिट भी कराया जाएगा।
पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका दूसरे वेस्ट टू एनर्जी प्रकल्प के लिए 15 एकड़ जमीन तलाश रही है और बायो-सीएनजी प्रकल्प के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अब इन योजनाओं की असली परीक्षा उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और शहर में रोजाना कचरा उठने की व्यवस्था में सुधार से होगी।