Narodi ST Bus Service: पुणे जिले के मंचर आंबेगांव तहसील के नारोडी गांव में मंचर से वडगांव काशिंबेग तथा वडगांव फाटा, लांडेवाडी मार्ग पर चलने वाली एसटी बस सेवाएं अचानक बंद हो गई हैं। इससे किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बसें बंद होने से लोग महंगे निजी वाहनों पर निर्भर हैं। प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बस सेवाएं तुरंत शुरू नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
नारोडी गांव से गुजरने वाली प्रमुख एसटी बस फेरियां पिछले कुछ दिनों से पूरी तरह ठप पड़ी हैं। सार्वजनिक परिवहन का कोई अन्य साधन न होने के कारण ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सबसे अधिक कठिनाई दैनिक यात्रियों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है।
एसटी बसें बंद होने की वजह से मजबूरी में लोगों को निजी वाहनों में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।डिपो प्रबंधक
सरकार का दावा है कि हर गांव तक बस सेवा पहुंचेगी, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। नियमित बस सेवा बंद होने से आम जनता में भारी रोष व्याप्त है और लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे है।
बस सेवाओं को दोबारा शुरू कराने के लिए ग्रामीणों ने मंचर डिपो प्रमुख और राजगुरुनगर डिपो प्रबंधक को कई बार लिखित आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इसके बावजूद बस डिपो अधिकारियों द्वारा अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि बंद पड़ी सभी बस फेरियों को अविलंब बहाल नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
पहले मंचर से बस सेवा सुबह 7 से 8:30, दोपहर 2:30 और शाम 5:30 बजे बसे उपलब्ध थीं।इसके अलावा वडगाव फाटा, लांडेवाडी और नारोडी फाटा मार्ग से सुबह 8:00, 11:30। शाम 4:30 और 6:15 बजे बस फेरियां चलती थीं। इन बसों से छात्र समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंचते थे।
अब एक भी बस न चलने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है और वे नियमित रूप से समय पर अपनी कक्षाओं में नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन का यह रवैया राज्य सरकार की 'गांव वहां एसटी' नीति का स्पष्ट उल्लंघन करता है
नारोडी में एसटी बस की फेरियां बंद होने से छात्र, महिलाएं, बुजुर्ग और आम यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेकर नियमित बस सेवा बहाल करनी बाहिए।
- नारोडी, सरपंच, मंगलताई नवनाथ हुले