

Kangana Ranaut Slams Congress on Vande Mataram: बॉलीवुड की क्वीन और सांसद कंगना रनौत अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती है।
जहां एक ओर गटर जनरेशन वाले बयान के बाद से ही कांग्रेस लगातार कंगना पर हमलावर रही है, तो वहीं अब कंगना ने भी सोनिया गांधी पर निशाना साधा है।
हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम् गाने को रुकवाने के बाद से सोनिया गांधी और कांग्रेस बीजेपी के निशाने पर है, तो अब कंगना ये मौका कैसे हाथ से जाने देती। कंगना ने भी इस वाकये को लेकर अपनी राय सार्वजनिक तौर पर रखी है।
हाल ही में संसद से बाहर आते समय कंगना ने ये बयान दिया है कि वंदे मातरम भारत की चेतना को दिखाता है। एक आर्टिस्ट के तौर पर, मैं समझती हूँ कि आर्ट और कविता का लोगों पर क्या असर हो सकता है। इसके प्रति जो विरोध और नफ़रत दिखाई गई है, और इसे गाने से रोकने की जो कोशिशें की गई हैं, वे बहुत चिंता की बात हैं।
मैं कहूँगी कि शायद पाकिस्तान में भी लोग ऐसा रिएक्शन न दिखाएँ। कंगना ने आगे कांग्रेस और सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की समस्या सिर्फ बीजेपी से नहीं, बल्कि देश से भी है, और अगर वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय गीत को लेकर आपत्ति जताई जाती है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही कंगना ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए ये भी कहा है कि वंदे मातरम् से पाकिस्तानियों से भी ज्यादा कांग्रेस क्यों तड़पती है?
इस विवाद की पृष्ठभूमि में कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर सोनिया गांधी के कथित इशारों पर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है। कांग्रेस ने हालांकि आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सोनिया गांधी मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं, गीत रोकने के लिए नहीं।
कई मौकों पर कंगना रनौत को अपने बयानों को बेबाक अंदाज में रखते हुए देखा जाता है। इससे पहले भी उन्होंने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के बयान का पलटवार करते हुए कहा था कि इन कांग्रेस के प्रवक्ता का कहना है कि मैंने पूरे देश युवाओं को गटरछाप कहा, पूरे देश में सिर्फ जेन जी की ही संख्या 35 करोड़ के आसपास होने वाली है और जो जंतर-मंतर है वहां पर लगभग 10000 लोग इकठ्ठे हुए थे, जिसमें से आधे से ज्यादा लोग तो शबाना आजमी टाइप लोग थे मतलब हर ऐज ग्रुप के लोग थे।
जब भी खासकर जेन जी की बात करते है, तो वहां लगभग 2000 जेन जी ही थे, तो कैसे ये लोग इसे जेन जी प्रोटेस्ट कह रहे है, जैसे पूरे देश के जेन जी यहां मौजूद थे, तो कैसे ये लोग इसे जेन जी प्रोटेस्ट कह रहे है। ये जो यहां पर नस्ल इकठ्ठी हुई थी, उन्हीं चुनिंदा लोगों के बारे में मैंने गटर जनरेशन वाला बयान दिया था ना कि पूरे देश के युवाओं के बारे में।
मैं प्रमोद तिवारी को ओपन चैलेंज देती हूं कि मेरा ऐसा कोई बयान नहीं है, जिसमें मैंने सभी जेन जी के बारे में ये बयान दिया हो। ये फालतू का एजेंडा आप मेरे साथ मत चलाइए, मैं युवा विरोधी नहीं हो सकती क्योंकि मैं खुद एक युवा हूं और राहुल गांधी की तरह 55-60 साल की युवा नहीं।