Sharad Pawar Calls CM Devendra Fadnavis: MPSC आंदोलन को लेकर विद्यार्थियों में बढ़ते असंतोष के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने राज्य सरकार से विद्यार्थियों के साथ तत्काल संवाद करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पुणे, मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर अस्वस्थ हैं। सरकार और संबंधित शिक्षा संस्थानों को इसका संज्ञान लेकर समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
शरद पवार ने बताया कि कुछ विद्यार्थी रविवार को उनसे मिले और उन्होंने अपनी मांगें उनके सामने रखीं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों के अलावा अन्य छात्र भी इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में सरकार और विद्यार्थियों के बीच सुसंवाद जरूरी है। पवार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की है। मुख्यमंत्री फिलहाल मुंबई में नहीं हैं। पवार ने उनसे मुंबई लौटने के बाद विद्यार्थियों से चर्चा करने और इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
जरूरत पड़े तो विद्यार्थियों से मिलें और बैठक करें, लेकिन इस पर राज्य के प्रमुख के स्तर पर निर्णय होना चाहिए। विद्यार्थियों को न्याय देना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है, पवार ने कहा, उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लौटने के बाद विद्यार्थियों से चर्चा होगी और उनकी मांगों पर रास्ता निकलेगा।
मुंबई में गर्जना मोर्चे को लेकर शरद पवार ने कहा कि यह मांग केवल पुणे तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के कई हिस्सों में उठ रही है। SIR की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसमें गलत तरीके से काम करने वालों के खिलाफ निर्णय लेने की जरूरत पड़ी तो वे साथ रहेंगे।
छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए छात्रों का खुलकर समर्थन किया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बताया कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के छात्रों ने अपनी कई गंभीर समस्याएं उनके सामने रखी थीं।
इनमें पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, महंगी पढ़ाई, बदहाल हॉस्टल, ज़हर जैसा खाना और DBT में धोखाधड़ी जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल थे। राहुल गांधी के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से MPSC में सुधार करने, परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी बनाने और इन बच्चों की बात सुनने का अनुरोध किया था।