

Muralidhar Mohol Targets Rohit Pawar: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा को लेकर पुणे में जारी विद्यार्थियों के आंदोलन के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने विधायक रोहित पवार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
मोहोल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल की करीब पौने तीन घंटे बैठक हुई, जिसमें प्रमुख मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने हस्ताक्षरयुक्त पत्र देकर आंदोलन स्थगित करने की बात कही थी। इसके बावजूद पुणे लौटने के बाद आंदोलन दोबारा क्यों शुरू हुआ, यह सवाल मोहोळ ने उठाया।
मोहोल के अनुसार, एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर तीन महीने में न्यायिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। एमपीएससी सचिव महेंद्र हरपालकर का तबादला कर दिया गया है। परीक्षा ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन, इस पर सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा एमपीएससी में रिक्त पदों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाने, विद्यार्थियों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत देने के लिए सिंगल कार्ड व्यवस्था लागू करने तथा ऑब्जेक्टिव-डिस्क्रिप्टिव परीक्षा पद्धति पर वी। राधा समिति की रिपोर्ट और विद्यार्थियों की राय के आधार पर निर्णय लेने की बात कही गई है।
मोहोल ने कहा कि सरकार के साथ बैठक के बाद विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों ने आंदोलन स्थगित करने की बात कही थी। ऐसे में पुणे लौटने के बाद आंदोलन फिर शुरू होने पर सवाल उठता है। उन्होंने रोहित पवार से पूछा, आपके ही भेजे प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा के बाद संतोष जताया था। फिर अपने ही प्रतिनिधियों की भूमिका पर भरोसा क्यों नहीं किया गया?
मोहोल ने कहा कि वह रोहित पवार के लिए ‘स्टंट’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, लेकिन प्रतिनिधिमंडल की भूमिका बदलने को लेकर सवाल जरूर खड़ा होता है। उनके मुताबिक, विद्यार्थियों के मुद्दे को राजनीतिक दिशा देने के बजाय उनके भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुरलीधर मोहोल ने कहा कि एमपीएससी की तैयारी करने वाले विद्यार्थी वर्षों की मेहनत के बाद अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार उनके सवालों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने तीनों स्थानों पर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों से आंदोलन स्थगित करने की अपील की।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीनों स्थानों पर आंदोलन को लेकर पुलिस ने नोटिस जारी की हैं। मोहोल ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के साथ संवाद के लिए तैयार है और अब आंदोलन को राजनीतिक रूप देने के बजाय विद्यार्थियों के हित में समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
नवभारत लाइव के लिये समीर सय्यद की रिपोर्ट