परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

महाराष्ट्र परिवहन विभाग में हड़कंप, फिटनेस प्रमाणपत्र में गड़बड़ी; 735 RTO अधिकारी रडार पर, 300 को नोटिस जारी

Maharashtra Drought: एनसीपी विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में सूखे से ₹35,984 करोड़ की फसल का नुकसान हुआ है, जिसमें अकेले विदर्भ में ₹22,456 करोड़ का नुकसान है।

रूपम सिंह

Maharashtra RTO Vehicle Fitness Certificate Scam: महाराष्ट्र में व्यावसायिक वाहनों को '38 ए' के तहत जारी किए गए फिटनेस प्रमाणपत्रों में कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग में हलचल बढ़ गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 735 RTO अधिकारियों और निरीक्षकों की भूमिका जांच के दायरे में आई है।

300 अधिकारियों को नोटिस

परिवहन आयुक्त ने जांच के दायरे में आए 735 अधिकारियों में से 300 मोटर वाहन निरीक्षकों, सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों और उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। इन अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय स्तर पर जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सात सदस्यीय समिति ने की जांच

फिटनेस प्रमाणपत्रों में कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर को सौंपी। रिपोर्ट में 735 अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अधिकारियों ने मांगी जानकारी

नोटिस पाने वाले कई अधिकारियों ने सूचना के अधिकार के तहत परिवहन विभाग से जानकारी मांगी है। अधिकारियों की ओर से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि '38 ए' के तहत योग्यता या फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार किन अधिकारियों के पास है। कुछ अधिकारी इस मामले में न्यायालय का रुख करने की तैयारी भी कर रहे हैं।

मामला दबाने की कोशिश का आरोप

विभागीय सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कुछ उपप्रादेशिक और प्रादेशिक स्तर के अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामला दबाने का प्रयास किए जाने की चर्चा है। विभाग में कथित आर्थिक लेन-देन की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दोषी पाए गए तो होगी कार्रवाई

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि '38 ए' के तहत नोटिस पाने वाले अधिकारियों के जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगना और न्यायालय जाना अधिकारियों का अधिकार है, लेकिन इससे उन्हें विभागीय कार्रवाई से छूट नहीं मिलेगी।

रिपोर्ट के बाद कार्रवाई पर नजर

मंत्री के अनुसार, यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके पद या जिम्मेदारी की परवाह किए बिना कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब नोटिस पाने वाले अधिकारियों के जवाब और विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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