Maharashtra RTO Vehicle Fitness Certificate Scam: महाराष्ट्र में व्यावसायिक वाहनों को '38 ए' के तहत जारी किए गए फिटनेस प्रमाणपत्रों में कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग में हलचल बढ़ गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 735 RTO अधिकारियों और निरीक्षकों की भूमिका जांच के दायरे में आई है।
परिवहन आयुक्त ने जांच के दायरे में आए 735 अधिकारियों में से 300 मोटर वाहन निरीक्षकों, सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों और उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। इन अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय स्तर पर जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिटनेस प्रमाणपत्रों में कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर को सौंपी। रिपोर्ट में 735 अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नोटिस पाने वाले कई अधिकारियों ने सूचना के अधिकार के तहत परिवहन विभाग से जानकारी मांगी है। अधिकारियों की ओर से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि '38 ए' के तहत योग्यता या फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार किन अधिकारियों के पास है। कुछ अधिकारी इस मामले में न्यायालय का रुख करने की तैयारी भी कर रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कुछ उपप्रादेशिक और प्रादेशिक स्तर के अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामला दबाने का प्रयास किए जाने की चर्चा है। विभाग में कथित आर्थिक लेन-देन की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि '38 ए' के तहत नोटिस पाने वाले अधिकारियों के जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगना और न्यायालय जाना अधिकारियों का अधिकार है, लेकिन इससे उन्हें विभागीय कार्रवाई से छूट नहीं मिलेगी।
मंत्री के अनुसार, यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके पद या जिम्मेदारी की परवाह किए बिना कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब नोटिस पाने वाले अधिकारियों के जवाब और विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।