पुणे स्नातक सीट पर मतगणना के दौरान बवाल।
बालेवाडी मतगणना केंद्र पर 8 मतपेटियों पर चुनाव आयोग की आधिकारिक सील नहीं।
महाविकास अघाड़ी (MVA) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने सवाल उठाए।
Pune Unsealed Ballot Boxes Controversy: महाराष्ट्र विधान परिषद के पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों के दौरान मंगलवार को बालेवाडी स्थित मतगणना केंद्र पर भारी हंगामा देखने को मिला। सुबह जैसे ही मतगणना की प्राथमिक प्रक्रिया शुरू हुई, बालेवाडी केंद्र पर अचानक तनाव पैदा हो गया। महाविकास अघाड़ी (MVA) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव और उनके पोलिंग एजेंटों ने मतपेटियों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मिली जानकारी के अनुसार, काउंटिंग के लिए जब टेबल पर मतपेटियां लाई गईं, तो उनमें से 8 मतपेटियों पर चुनाव आयोग की ओर से लगाई जाने वाली आधिकारिक सील नहीं थी। महाविकास अघाड़ी के प्रतिनिधियों ने इसे लेकर सवाल उठाए।
इस मुद्दे पर चुनाव अधिकारियों, कर्मचारियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस भी हुई। बढ़ते तनाव को देखते हुए चुनाव अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में लेने और दर्ज कराए गए शिकायतों की आधिकारिक जांच करने के लिए मतगणना प्रक्रिया को कुछ समय के लिए स्थगित किया।
महाराष्ट्र की पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की इस लड़ाई पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। यह मुकाबला बेहद प्रतिष्ठा का माना जा रहा है। यहां भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार डॉ. स्मिता जाधव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) तथा महाविकास अघाड़ी की संयुक्त उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव के बीच सीधा मुकाबला है।
बता दें कि पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव के खिलाफ भाजपा ने स्मिता जाधव को मैदान में उतारा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने भी इस सीट पर अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 3,88,019 मतदाता हैं, जिनमें से 2,43,611 ने मतदान किया है यानी कुल 62.78 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।