पार्थ पवार जमीन घोटाला (सौ. सोशल मीडिया )
Parth Pawar News: कोरेगांव पार्क स्थित 40 एकड़ सरकारी भूखंड के कथित घोटाला मामले में दस्तनबीसी करने वाली पार्थ पवार से संबंधित अमेडिया इंटरप्राइजेज एलएलपी को स्टांप ड्यूटी भुगतान पर अपना पक्ष रखने के लिए 4 दिसंबर तक का अतिरिक्त समय दिया गया है।
कंपनी ने सोमवार को वकीलों के जरिए समय वृद्धि की मांग की थी। यह जानकारी रजिस्ट्रेशन एवं मुद्रांक शुल्क विभाग के अधिकारियों ने दी है। राज्य सरकार की यह 40 एकड़ जमीन मुंडवा क्षेत्र में स्थित है।
कोरेगांव पार्क भूखंड घोटाला मामला
- इसी बीच इस सरकारी जमीन की अवैध रूप से रजिस्ट्री किए जाने का मामला सामने आया है। इस लेनदेन में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ पवार की साझेदार कंपनी अमेडिया एंटरप्राइजस, दिग्विजय सिंह पाटिल और कुलमुखत्यारधारक शीतल तेजवानी के बीच कथित डील हुई थी।
- इस मामले में तेजवानी, पाटिल और सह-उपनिबंधक रवींद्र तारू के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया गया है। यह करोड़ों को जमीन मात्र 500 रुपए में रजिस्ट्री करने का आरोप है। इस डील में 21 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी बकाया रखने पर रजिस्ट्रेशन विभाग ने अमेडिया कंपनी को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन का समय दिया था। समय सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले कंपनी ने अतिरिक्त मोहलत की मांग की थी।
- विभाग ने सात दिन का अतिरिक्त समय दिया था जो सोमवार 24 नवंबर को समाप्त हो गया। लेकिन कंपनी ने शुल्क न भरते हुए अब कानूनी लड़ाई का रास्ता चुन लिया है।
सोमवार को वकील पत्र दाखिल करते समय वकीलों ने अतिरिक्त समय की मांग की। इसके आधार पर विभाग ने कंपनी को अपनी तरफ से स्पष्टीकरण पेश करने के लिए 4 दिसंबर तक का समय दिया है।
- वर्ष 1955 से यह भूमि राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। वर्ष 1973 में यह जमीन केंद्र सरकार के बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया को लीज पर दी गई थी। उनका लीज करार वर्ष 2028 में समाप्त होने वाला है।