Ketan Agarwal Murder Case Passport Mystery: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस अब केतन का पासपोर्ट गायब होने के एंगल से जांच करेगी। इसके लिए पुणे ग्रामीण पुलिस को सिया गोयल और चेतन बाबूलाल चौधरी की पांच दिन की पुलिस हिरासत और दे दी।
18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले में हुई 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार को वडगांव मावल अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए अदालत को बताया कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी पूरे नहीं हुए हैं।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपियों की मौजूदगी में क्राइम सीन का रीक्रिएशन करना जरूरी है। इसके अलावा घटना के बाद चेतन की गतिविधियों का पता लगाना है और हत्या के बाद हुई फोन बातचीत की जांच करनी है। साथ ही केतन अग्रवाल के पासपोर्ट को नष्ट करने से जुड़े सबूत भी बरामद करना अभी बाकी हैं। यह दलील देते हुए पुलिस ने केतन और सिया के हिरासत बढ़ाने की मांग की थी।
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार केतन अग्रवार की मंगेतर सिया गोयल ने कथित तौर पर उसका पासपोर्ट चुरा कर उसे फाड़ दिया और फिर नष्ट कर दिया था। कहा जा रहा है कि सिया और केतन को प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाना था। इसी दौरान मुंबई एयरपोर्ट जाते समय सिया ने केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया था। अब पुलिस इस मामले की भी जांच करेगी।
पुणे ग्रामीण पुलिस का मानना है कि केतन का पासपोर्ट जानबूझकर हटाया गया ताकि कपल साथ में इंडोनेशिया के बाली की यात्रा न कर सके। इस मामले में केतन और सिया को मुंबई एयरपोर्ट ले जा रहे कार ड्राइवर ने भी बयान में कहा कि यात्रा के दौरान सिया अकेले गाड़ी में वापस आई थी और कुछ सामान लेकर गई थी।
इस बीच, पुणे ग्रामीण पुलिस ने 28 जून को लोहगढ़ किले पर डमी की मदद से घटना का रीक्रिएशन भी किया और इस दौरान किले को अस्थायी रूप से आम लोगों के लिए बंद रखा गया।
बता दें कि शुरुआत में केतन की मौत को एक हादसा माना जा रहा था। कहा गया कि लोहगढ़ किल पर केतन का पैर फिसलने की वहज से वह 400 फीट गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस जांच में सामने आया कि उसे कथित रूप से सिया और चेतन ने धक्का दिया था। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और केतन उनके रिश्ते में बाधा माना जा रहा था।
यह भी पढ़ें:- नागपुर को मिले नए पुलिस कमिश्नर, विश्वास नांगरे पाटिल ने संभाला कमान, पहले ही दिन अपराधियों को दिया अल्टीमेटम
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के बीच पिछले छह महीनों में 2,000 से अधिक फोन कॉल हुए और करीब 238 घंटे तक बातचीत हुई, जो कथित साजिश का हिस्सा थी। जांच में यह भी सामने आया है कि सिया ने इससे पहले भी केतन को मारने की कोशिश की थी, जब वे लोहगड़ किले गए थे। उस समय उसने उसे धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया था। बाद में सिया ने कहा था कि उसने सांप देखकर उसे बचाने की कोशिश की थी।