खडकवासला प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे में बारिश का कहर: 1,040 लोगों का रेस्क्यू, 49 राहत केंद्र सक्रिय; खड़कवासला डैम 88% भरा

Pune Khadakwasla Dam: पुणे में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। खडकवासला डैम 88% भरने के बाद नहर में पानी छोड़ा गया। प्रशासन ने 1,040 नागरिकों को रेस्क्यू कर 49 राहत केंद्रों में भेजा।

रूपम सिंह

Pune Heavy Rain Khadakwasla Dam: पुणे शहर और इसके आसपास पिछले 24 घंटों से जारी अतिवृष्टि ने सामान्य जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। मूसलाधार बारिश के कारण न केवल निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव हुआ है, बल्कि ड्रेनेज और वर्षा जल निकासी प्रणाली के ओवरफ्लो होने से मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। तेज हवाओं और पानी के भारी दबाव के चलते कई प्रमुख इलाकों में विशाल पेड़ों और उनकी भारी शाखाओं के टूटने से यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, शहर को पानी की मुख्य आपूर्ति करने वाली डैम श्रृंखला के खडकवासला क्षेत्र में सबसे अधिक 115.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त उपनगरीय क्षेत्रों जैसे कोंढवा-येवलेवाडी में 77.20 मिलीमीटर, वानवडी-रामटेकडी में 73 मिलीमीटर, नगर रोड-वडगांव शेरी परिसर में 76 मिलीमीटर तथा होलकर पाटिल रोड क्षेत्र में 61 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। अब तक शहर के विभिन्न हिस्सों से 260 परिवारों के कुल 1,040 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस दौरान शहर में कई जगह पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर के कई मैदानी और नदी किनारे बसे इलाकों में अचानक बाढ़ जैसे डरावने हालात पैदा कर दिए हैं। स्थिति की गंभीरता और किसी भी संभावित खतरे को भांपते हुए पुणे महानगर पालिका ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। अब तक शहर के विभिन्न संवेदनशील और प्रभावित हिस्सों से लगभग 260 परिवारों के कुल 1,040 नागरिकों को बेहद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है।

पहाड़ों से भी आ रहा पानी

खडकवासला डैम के मुख्य कैचमेंट एरिया में पहाड़ों से हो रही भारी जल आवक के कारण डैम का जलस्तर बहुत तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। खडकवासला डैम अपनी कुल जल भंडारण क्षमता का लगभग 88 प्रतिशत तक भर चुका है।

जलाशय के बढ़ते दबाव और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए न्यू मुठा राइट बैंक कैनाल में 500 क्यूसेक की रफ्तार से पानी की निकासी शुरू कर दी गई। खडकवासला जल सिंचाई विभाग के मुख्य अधिकारियों का कहना है कि कैचमेंट एरिया में बारिश का क्रम अभी भी अटूट बना हुआ है और डैम में पानी की आवक लगातार तेज है।

दर्जनों गांवों का मुख्य मार्गो से संपर्क टूटा

मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, घाट माता के तहत आने वाले दावडी क्षेत्र में सर्वाधिक 688 मिलीमीटर, लोनावला में 620 मिमी, ताम्हिणी घाट में 530 मिमी, भिरा में 512 मिमी, डुंगरवाड़ी के पहाड़ी ढलानों पर 423 मिमी, शिरगांव में 420 मिमी तथा वणगांव के जंगलों में 390 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार दूसरे दिन भी 400 से 600 मिमी से अधिक पानी बरसने से दर्जनों गांवों और कस्बों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है।

प्रभावित इलाकों में 49 राहत केंद्र काम कर रहे

येरवडा, वडगांव शेरी, घोरपड़ी, बोपोडी और शिवाजीनगर जैसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों के बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन ने स्थानीय स्कूलों और सामुदायिक भवनों में त्वरित रूप से अस्थायी राहत शिविरों की चाक-चौबंद व्यवस्था की है। इस प्राकृतिक संकट से निपटने के लिए पुणे महानगरपालिका का मुख्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे पूरी सक्रियता के साथ काम कर रहा है।

पुणे शहर के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, अग्निशमन दल, जल निकासी विभाग, सड़क निर्माण, विद्युत विभाग तथा अन्य जीवनरक्षक एजेंसियों के बीच एक मजबूत समन्वय नेटवर्क स्थापित किया गया है ताकि प्राप्त होने वाली हर शिकायत का मौके पर ही त्वरित निवारण किया जा सके। आपातकालीन स्थितियों को देखते हुए समूचे शहर में 49 सुसज्जित राहत केंद्र बनाए गए हैं,

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