Goa Cyber Crime Police Arrest Pune Residents: कंपनी के CEO की पहचान का कथित तौर पर दुरुपयोग कर WhatsApp के जरिए अकाउंटेंट से 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराने के मामले में गोवा साइबर क्राइम पुलिस ने पुणे के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास लोहेगांव से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक उद्धव मस्के और श्याम संदीप कासार के रूप में हुई है। गोवा पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई है और मामले की आगे जांच कर रही है।
गोवा साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के CEO के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर WhatsApp के जरिए अकाउंटेंट से संपर्क किया। कथित तौर पर CEO बनकर अकाउंटेंट को रकम ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद अकाउंटेंट ने RTGS के माध्यम से 2 करोड़ रुपये Nexacruze Motors OPC Private Limited के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत मिलने के बाद गोवा साइबर क्राइम पुलिस ने बैंक खाते और रकम के लेनदेन की जानकारी खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान सामने आए मनी ट्रेल के आधार पर पुलिस टीम पुणे पहुंची।
पुलिस टीम ने शिकायत दर्ज होने की रात पुणे के लिए रवाना होकर मनी ट्रेल से जुड़े सुरागों के आधार पर कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास लोहेगांव इलाके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें गोवा ले जाया गया, जहां अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया।
गोवा साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में 8 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और 3(5) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-D के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 2 करोड़ रुपये के इस कथित लेनदेन में केवल गिरफ्तार दोनों आरोपी शामिल थे या उनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हैं।
जांच का एक प्रमुख हिस्सा पैसे के पूरे मनी ट्रेल को खंगालना है। पुलिस बैंक खाते, RTGS लेनदेन और आरोपियों के डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर रही है।
गोवा पुलिस ने कारोबारियों और आम लोगों से WhatsApp, ईमेल या अन्य डिजिटल माध्यमों से मिलने वाले बड़े वित्तीय लेनदेन के अनुरोधों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी या CEO के नाम से रकम ट्रांसफर करने का निर्देश मिलने पर भुगतान से पहले संबंधित व्यक्ति से स्वतंत्र माध्यम से संपर्क कर इसकी पुष्टि की जाए।
मामले की जांच जारी है और पुलिस कथित 2 करोड़ रुपये के पूरे मनी ट्रेल के साथ अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का भी पता लगा रही है।