Pune FDA Seizes Adulterated Paneer Khoya: गणेशोत्सव से पहले शहर में संदिग्ध और मिलावटी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को FDA की टीम ने बुधवर पेठ इलाके में करीब 39.43 लाख रुपये कीमत का पनीर और खोया जब्त किया। अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों और जिलों से पुणे में संदिग्ध डेयरी उत्पाद लाए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने करीब 8 से 12 दिनों तक संबंधित वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी और कार्रवाई करते हुए लगभग चार ट्रकों को पकड़ा।
FDA के अनुसार, कार्रवाई में करीब 12,500 किलो पनीर, जिसकी अनुमानित कीमत ₹27.83 लाख है, जब्त किया गया। इसके अलावा करीब 4,600 किलो खोया भी पकड़ा गया, जिसकी कीमत लगभग ₹11.60 लाख बताई गई है। पनीर की खेप कर्नाटक के बेलगावी और बागलकोट से पुणे लाई गई थी। इसमें मलाई पनीर, लो-फैट पनीर और मीडियम-फैट पनीर शामिल था।
अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पनीर में फैट की मात्रा संदिग्ध दिखाई दी। हालांकि, पनीर सुरक्षित है या उसमें मिलावट हुई है, इसका अंतिम निर्धारण प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगा।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) अधिकारियों ने जब्त पनीर और खोया के नमूने राज्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं। वहीं वाशिम और बार्शी क्षेत्र से लाए गए खोये को 20-20 किलो के बंडलों में गन्नी के बोरों में पैक किया गया था। अधिकारियों ने इसके परिवहन के दौरान स्वच्छता की स्थिति पर भी सवाल उठाए। नमूने लेने के बाद शेष खोये को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जांच में सामने आया कि जब्त पनीर और खोया पुणे शहर तथा जिले के करीब 25 से 40 व्यापारियों और मिठाई दुकानों तक पहुंचाया जाना था। FDA अब संबंधित बिलों, परिवहन दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला में कौन-कौन लोग शामिल थे और माल कहां-कहां भेजा जाना था।
FDA पुणे क्षेत्र के संयुक्त आयुक्त डी.वी. भोगावड़े ने बताया कि सभी जब्त नमूने राज्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। यदि जांच में खाद्य पदार्थ मिलावटी या असुरक्षित पाए जाते हैं, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 59 के तहत आपूर्तिकर्ताओं, खरीदारों और विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गणेशोत्सव के दौरान मिठाइयों, खोया, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए FDA ने पुणे में खाद्य पदार्थों की जांच और निगरानी बढ़ा दी है। विभाग का उद्देश्य संदिग्ध या असुरक्षित खाद्य पदार्थों को बाजार और उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोकना है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला रिपोर्ट और जांच में जो भी व्यक्ति या कारोबारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाए जाते रहे हैं।