Pune Draft Voter List Released: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर पुणे जिले के सभी 21 विधानसभा क्षेत्रों की ड्राफ्ट मतदाता सूची सोमवार को जारी कर दी गई। सूची में चौंकाने वाला बदलाव सामने आया है। प्रशासन के अनुसार जिले में 28 लाख 66 हजार 481 मतदाताओं के नाम हटाए जाने प्रस्तावित हैं। नागरिकों को नाम और विवरण की जांच कर दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय दिया गया है।
ड्राफ्ट सूची पर 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इनका निपटारा 29 अक्टूबर तक किया जाएगा और 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। नागरिक संबंधित निर्वाचन कार्यालयों के साथ ऑनलाइन भी सूची में अपना नाम जांच सकते हैं।
प्रशासन के अनुसार, सत्यापन के दौरान 17 लाख 83 हजार 58 मतदाता अपने दर्ज पते पर नहीं मिले। वहीं, 5 लाख 91 हजार 38 मतदाता दूसरी जगह पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा 3 लाख 12 हजार 48 मतदाताओं की मृत्यु होने की जानकारी सामने आई है।
सूची में 1 लाख 43 हजार 975 नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं, जबकि 36 हजार 362 नाम अन्य कारणों से हटाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। इन सभी को मिलाकर कुल 28,66,481 नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए जाने प्रस्तावित हैं।
ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम अंतिम रूप से मतदाता सूची से बाहर हो गया है। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए है, लेकिन उनके पास 2002 की मतदाता सूची में
अपना, माता पिता या दादा-दादी का नाम होने का प्रमाण है, वे निर्धारित फॉर्म नंबर 6 भरकर नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। जिन मतदाताओं के नाम या अन्य विवरण में गलती है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म नंबर 8 भरकर सुधार करा सकते हैं। वहीं, मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम पर आपति होने पर फॉर्म नंबर 7 के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।
जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां हैं या जिनका 2002 की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया है, उनके मामलों की संबंधित अधिकारियों के स्तर पर सुनवाई होगी। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 नवंबर 2026 को पुणे जिले की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मतदाता ड्राफ्ट सूची संबंधित निर्वाचन कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला कार्यालयों में देख सकते हैं।
पुनरीक्षण अभियान से पहले पुणे जिले में कुल 90 लाख 80 हजार 173 मतदाता दर्ज थे। घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के पते और रिकॉर्ड की जांच की गई।
31 अगस्त तक 62 लाख 13 हजार 692 मतदाताओं ने गणना पत्रक जमा किए हैं। सत्यापन में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए जो अपने दर्ज पते पर नहीं मिले।