

Pune ZP Model School Construction Quality Controversy: पुणे जिला परिषद के बहुचर्चित मॉडल स्कूलों के कथित घटिया निर्माण कार्य को लेकर सोमवार को सत्ताधारी राष्ट्रवादी कांग्रेस के ही सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। खास बात यह रही कि इस आंदोलन को विपक्षी सदस्यों का भी समर्थन मिला। भाजपा, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) के गुटनेता एवं सदस्य आंदोलन में शामिल हुए।
सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा ही प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किए जाने से जिला परिषद के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। मॉडल स्कूलों के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सदस्यों ने पहले ही प्रशासन से शिकायत कर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
राज्यसभा सांसद पार्थ पवार ने संबंधित ठेकेदार को काली सूची में डालने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से सताधारी सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई। आखिरकार सदस्यों ने जिला परिषद मुख्यालय के प्रवेशद्वार पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। आंदोलन से पहले जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले और सभागृह नेता श्रीमंत ढोले ने सदस्यों के साथ बैठक कर मामले पर चर्चा की।
हालांकि, बैठक में समाधान नहीं निकलने के बाद सदस्यों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। जिला परिषद सदस्य प्रफुल्ल शिवले, करण खलाटे, विक्रम खुटवड, तुषार थोरात और गणेश बोत्रे सहित कई सदस्य आंदोलन में शामिल हुए।
जिला परिषद प्रशासन के कामकाज को लेकर सदस्यों में पिछले कुछ समय से असंतोष है। कुछ दिन पहले सदस्यों ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे से मुंबई में मुलाकात कर कथित घटिया विकास कार्यों और प्रशासन के रवैये की शिकायत की थी।
विकास कार्यों को लेकर एक महिला सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी के बीच हुए विवाद के बाद भी सत्ता और विपक्ष के सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई थी।