Dimbhe Manikdoh Tunnel Project: डिंभे-माणिकडोह सुरंग परियोजना को लेकर आंबेगांव, शिरूर और जुन्नर तहसीलों में विरोध तेज हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पुणे जिलाध्यक्ष देवदत्त निकम ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र की जनता किसी भी परिस्थिति में इस सुरंग का निर्माण नहीं होने देगी। उन्होंने राज्य के जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील से मुलाकात कर परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग की।
साथ ही आंबेगांव-शिरूर विधानसभा क्षेत्र की लंबित सिंचाई योजनाओं, आदिवासी क्षेत्रों के जल अधिकारों और विभिन्न बांधों से पानी उपलब्ध कराने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर पार्टी के तहसील अध्यक्ष धोंडीभाऊ भोर, वरिष्ठ नेता माऊली ढोमे, युवक तहसील अध्यक्ष विशाल वाबले, संजय बढेकर, संजय खांडगे, भिकाजी जाधव पाटील, तेजस जाधव और सनी घावटे सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
निकम ने बुधवार को पारनेर में जलसंपदा मंत्री विखे पाटील को ज्ञापन सौंपकर हुतात्मा बाबू गेनू सागर डिंभे-माणिकड़ोह सुरंग परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग की। इस दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी परियोजना का विरोध करते हुए क्षेत्र की जनता की भूमिका का समर्थन किया।
डिंभे बांध की बायीं नहर की मरम्मत कराने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही माणिकडोह बांध के पश्चिम की ओर बहकर जाने वाले पानी को रोककर जलाशय में मोड़ने तथा थिटेवाड़ी बांध में पानी छोड़ने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि क्षेत्र की लंबित सिंचाई योजनाओं को मंजूरी देने और उपलब्ध जल का उचित नियोजन करने से किसानों तथा आदिवासी क्षेत्रों को राहत मिल सकती है।देवदत्त निकम, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी (पुणे)
आंबेगांव और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों की लिफ्ट सिंचाई योजनाओं तथा जल आवंटन से संबंधित ज्ञापन प्राप्त हुआ है। संबंधित विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर इन मांगों की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।राधाकृष्ण विखे पाटील, जलसंपदा मंत्री
प्रतिनिधिमंडल ने आंबेगांव तहसील के आदिवासी क्षेत्रों में लंबित लिफ्ट सिंचाई योजनाओं को मंजूरी देने और उन्हें चौथी संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति में शामिल करने की मांग की। इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों के लिए आरक्षित 6 प्रतिशत पानी तत्काल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
सातगांव पठार क्षेत्र में सिंचाई के लिए कलमोड़ी बांध से लिफ्ट सिंचाई के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। यदि यह संभव नहीं हो, तो डिंभे बांध से अतिरिक्त पानी देने का विकल्प सुझाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पहाड़दरा, लोणी और धामनी क्षेत्रों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए म्हालसाकांत योजना को भी चौथी संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति में शामिल करने का आग्रह किया।