दगडूशेठ गणपति टूरिज्म स्टेटस (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

पुणे के दगडूशेठ गणपति मंदिर को सरकार का बड़ा सम्मान, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Dagduseth Halwai Ganpati: पुणे के प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट को महाराष्ट्र सरकार ने ‘ए’ श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा दिया है।इस फैसले से धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

अपूर्वा नायक

Dagduseth Halwai Ganpati Gets A Grade News: देशभर के लाखों गणेश भक्तों की आस्था का केंद्र पुणे शहर स्थित श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा सम्मान देते हुए 'ए' श्रेणी पर्यटन क्षेत्र का दर्जा प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी औपचारिक घोषणा की। इस फैसले के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

वर्ष 1893 में स्थापित दगडूशेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट को 135 वर्षों से अधिक की समृद्ध परंपरा प्राप्त है। यह मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और जनकल्याण के कार्यों के लिए भी जाना जाता है। प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मिला था 'सी' श्रेणी का दर्जा

अब तक इस मंदिर को जिला नियोजन समिति की ओर से 'सी' श्रेणी का दर्जा प्राप्त था। हालांकि, भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या और ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों को देखते हुए विधायक हेमंत रासने ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मंदिर को 'ए' श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा देने की मांग की थी, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी।

इस निर्णय के बाद मंदिर और आसपास के क्षेत्र का तीर्थ स्थल और पर्यटन केंद्र के रूप में व्यापक विकास संभव हो सकेगा। 'ए' श्रेणी मिलने से राज्य सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर विकास निधि उपलब्ध होगी। इस फंड से श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक दर्शन कतार व्यवस्था, व्यवस्थित पार्किंग, स्वच्छ शौचालय, भक्त निवास, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस कदम से पुणे के धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। दगडूशेठ गणपति मंदिर को यह दर्जा मिलने के बाद स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और पर्यटन आधारित रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है।

पावन धाम अब 'ए' श्रेणी में

  • विधायक हेमंत रासने ने इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि 1893 में सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत के बाद तीर्थक्षेत्र का 'ए' दर्जा प्राप्त करने वाला दगडूशेठ हलवाई गणपती ट्रस्ट पहला गणेश उत्सव मंडल बन गया है।
  • उन्होंने कहा, 'गणेश मंडल के कार्यकर्ता के रूप में मैं लंबे समय से इसके लिए प्रयासरत था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेरी मांग को स्वीकार कर लाखों गणेश भक्तों और कार्यकर्ताओं की भावना का सम्मान किया है।' इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पुणे के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व में एक और नया अध्याय जुड़ गया है।

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