Ashadhi Wari Pune AI Surveillance System: आषाढ़ी वारी के पावन अवसर पर संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की पालकियों के पुणे आगमन, पड़ाव और प्रस्थान को लेकर पुणे पुलिस एवं प्रशासन ने सुरक्षा के अत्यंत कड़े और ऐतिहासिक इंतजाम किए हैं।
एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि 9 से 12 जुलाई तक चलने वाले इस चार दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन में लाखों वारकरियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली, फेस रिकग्निशन तकनीक और एडवांस वीडियो एनालिटिक्स का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8,500 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान मुस्तैद रहेंगे, जबकि क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 9 जुलाई को संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी आलंदी से पुणे शहर में प्रवेश कर भवानी पेठ स्थित पालकी विठोबा मंदिर में विश्राम करेगी। संत तुकाराम महाराज की पालकी पिंपरी-चिंचवड़ मार्ग से होते हुए शहर में प्रवेश करेगी और नाना पेठ स्थित निवडुंग्या विठोबा मंदिर पहुंचेगी। 10 जुलाई को दोनों पालकियां पुणे में विश्राम करेंगी।
इसके बाद 11 जुलाई को दोनों ही पवित्र पालकियां पंढरपुर की ओर प्रस्थान करेंगी और 12 जुलाई को यह यात्रा पुणे ग्रामीण क्षेत्र की ओर आगे बढ़ जाएगी। एआई और अत्याधुनिक कैमरों से चौतरफा निगरानी पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसके तहत संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग पर 125 एआई-आधारित कैमरे और संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी मार्ग पर 101 एआई कैमरे लगाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, 28 फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) कैमरे और 24 संवेदनशील स्थानों पर 36 एडवांस वीडियो एनालिटिक्स कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों की सहायता से अत्यधिक भीड़भाड़ वाली गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और सुरक्षा संबंधी किसी भी अप्रिय घटना पर वास्तविक समय (रियल टाइम) में कड़ी नजर रखी जाएगी।
8,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती इस भव्य आयोजन को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पुणे पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किया है। इसमें 4 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 13 पुलिस उपायुक्त, 30 सहायक पुलिस आयुक्त, 182 पुलिस निरीक्षक, 570 एपीआई एवं पीएसआई तथा 6,552 पुलिस अमलदार तैनात किए गए हैं।
साथ ही राज्य रिजर्व पुलिस बल की तीन प्लाटून, 1,250 होमगार्ड, 12 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), छह बम खोज एवं नाशक दस्ते तथा डॉग स्क्वॉड भी तैनात रहेंगे। महिलाओं की सुरक्षा, चेन स्नैचिंग और जेबकतरी जैसी आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए अपराध शाखा की विशेष टीमें सादे कपड़ों में मुस्तैद रहेंगी।
पालकी यात्रा के लिए पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने भी बड़े पैमाने पर जनसुविधाएं जुटाई है। इस वर्ष पहली बार कुंभ मेले की तर्ज पर 1,832 पोर्टेबल शौचालयों में क्यूआर कोड और फीडबैक सिस्टम लगाया गया है, जिनकी दिन में तीन से चार बार गहन सफाई की जाएगी। पालकी मार्ग खाली होने के महज तीन-चार घंटे के भीतर पूरे रास्ते को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा।
पुणे महापौर मंजुषा नागपुरे संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर माऊली और जगद्वरु संत तुकाराम महाराज की पालकी का आगमन प्रत्येक पुणेवासी के लिए आस्था, सेवा और संस्कृति का महापर्व है। वारकरियों की सेवा को ही सच्ची संतसेवा मानते हुए मनपा ने सभी विभागों को पूरी तरह तैयार और सक्रिय रखा है।
| व्यवस्था / सुविधा | संख्या / विवरण |
|---|---|
| पुलिस बल की तैनाती | 8,500+ जवान |
| एआई निगरानी कैमरे | 226 |
| फेस रिकग्निशन सिस्टम | 28 |
| हाईटेक क्यूआर कोड शौचालय | 1,832 |
| सफाई के लिए मनपा कर्मचारी | 8,000 |
| 24×7 तैनात एंबुलेंस | 42 |