आंबेगांव जल संकट, प्रतीकात्मक तस्वीर  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

आंबेगांव: छात्रावास में जलापूर्ति ठप होने पर छात्राओं का खाली बाल्टियों के साथ जोरदार प्रदर्शन, पानी हुआ बहाल

Ambegaon Water Crisis: आंबेगांव तहसील के अवसरी खुर्द सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज छात्रावास में जलापूर्ति ठप होने पर छात्राओं ने प्रदर्शन किया। कॉलेज प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से पानी बहाल हुआ।

रूपम सिंह

Ambegaon Engineering College Water Crisis: आंबेगांव तहसील स्थित अवसरी खुर्द के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के मातोश्री बालिका छात्रावास में रविवार से पानी की आपूर्ति ठप होने के कारण आक्रोशित छात्राओं ने गुरुवार शाम खाली बाल्टियों के साथ परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया।

छात्राओं के इस तीव्र विरोध प्रदर्शन के बाद तुरंत हरकत में आए कॉलेज प्रशासन ने तेजी से मरम्मत का कार्य शुरू कराया। इसके परिणामस्वरूप शुक्रवार दोपहर लगभग 3:30 से 4:00 बजे के बीच छात्रावास में पानी की आपूर्ति फिर से पूरी तरह बहाल कर दी गई।

प्रशासन के खिलाफ दिया धरना

मातोश्री छात्रावास के चार अलग-अलग विभागों में कुल 219 छात्राएं निवास करती हैं। यह छात्राएं पिछले काफी समय से अनियमित जलापूर्ति की गंभीर समस्या से लगातार परेशान थीं। हॉस्टल में पेयजल आपूर्ति सामान्य रखने के लिए रोजाना 2 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाता था। हालांकि, गुरुवार के दिन टैंकर आने में काफी अधिक देरी हो गई, जिससे नाराज होकर छात्राओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने न केवल प्रशासन के खिलाफ दिया था धरना बल्कि रात के भोजन का भी पूर्ण बहिष्कार कर दिया। छात्राओं के इस उग्र आंदोलन के दौरान कॉलेज प्रशासन ने दो दिनों के भीतर पूरी व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया था।

पूरी व्यवस्था सुधारने का दिया गया भरोसा

पंचायत समिति सदस्य अवसरी खुर्द के निलेश टमकर ने कहा कि छात्राओं को पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए आंदोलन करने की नौबत आना बिल्कुल अनुचित है। जलापूर्ति को स्थायी रूप से सुचारू बनाने के लिए प्रशासन से बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।

उच्च दबाव के साथ पानी की सप्लाई की जाएगी शुरू

इसके तहत शुक्रवार की सुबह जेसीबी मशीन और कई मजदूरों की सहायता से जलापूर्ति लाइन के दोषों को खोजना शुरू किया गया। कर्मचारियों ने पाइप में फंसा कचरा और वॉल्व के अवरोधों को पूरी तरह साफ किया, जिसके बाद उच्च दबाव के साथ पानी की सप्लाई शुरू की जा सकी।

लंबी स्वतंत्र पाइपलाइन का काम शुरू

उल्लेखनीय है कि चांडोली खुर्द से लगभग 8 किलोमीटर दूर से पानी लाकर कॉलेज की 4 लाख लीटर क्षमता वाली मुख्य टंकी में जमा किया जाता है। भविष्य में छात्राओं को इस प्रकार के जल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने चांडोली स्थित नदी से 8 किलोमीटर लंबी एक नई और स्वतंत्र पाइपलाइन बिछाने हेतु काम शुरू कर दिया है। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं को भरोसा दिलाया है कि आगे से छात्रावास में पानी की कोई किल्लत नहीं होने दी जाएगी।

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