अजित पवार (सौ. सोशल मीडिया ) 
पुणे

‘बारामती का चाणक्य’, अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र ने खोया राजनीतिक रणनीतिकार

Pune News: महाराष्ट्र की राजनीति के कुशल रणनीतिकार और ‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार के निधन से राज्य ने एक ऐसे नेता को खो दिया, जिसने बारामती को सत्ता का अभेद्य किला बना दिया था।

अपूर्वा नायक

Ajit Pawar Death News: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ के नाम से पहचाने जाने वाले और बारामती के निर्विवाद रणनीतिकार अजीत पवार के निधन से राज्य ने एक ऐसा नेता खो दिया है, जिसने सत्ता के समीकरणों को न केवल समझा, बल्कि उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने की असाधारण क्षमता रखी।

शरद पवार के मार्गदर्शन में राजनीति का ककहरा सीखने वाले अजीत पवार ने बारामती को केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति का गढ़ बना दिया।

पुणे जिले में सहकारिता, सिंचाई और विकास के जरिए उन्होंने ऐसा मजबूत नेटवर्क खड़ा किया, जिसे भेद पाना विरोधियों के लिए लगभग असंभव साबित हुआ। यही वजह रही कि उन्हें राजनीतिक गलियारों में बारामती का ‘चाणक्य’ कहा जाने लगा।

विरोधियों को साथ लाने की कला

अजित पवार की सबसे बड़ी ताकत उनका संकटमोचक स्वभाव और विरोधियों को साथ लाने की रणनीति थी। दशकों तक शरद पवार का विरोध करने वाले काकडे परिवार के साथ राजनीतिक कटुता को समाप्त करना उनकी बड़ी सफलताओं में गिना जाता है। सतीश काकडे और शहाजी काकडे को मुख्यधारा में लाकर उन्होंने विरोध की धार को काफी हद तक कुंद कर दिया।

राजनीतिक दूरदर्शिता के उदाहरण

भाजपा के वरिष्ठ नेता रंजन कुमार तावरे के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ना हो या फिर वैचारिक मतभेदों के बावजूद जमीनी समीकरण साधना। अजित पवार की राजनीतिक दूरदर्शिता हर कदम पर नजर आई। उन्होंने दत्तात्रय भरणे और विश्वासराव देवकाते जैसे कार्यकर्ताओं को शून्य से उठाकर सत्ता के शिखर तक पहुंचाया।

कार्यकर्ताओं की फौज और अटूट विश्वास

अजित पवार ने कार्यकर्ताओं की एक ऐसी मजबूत फौज तैयार की थी, जो उनके एक इशारे पर जान छिड़कने को तैयार रहती थी। यही संगठनात्मक ताकत बारामती को दशकों तक अभेद्य बनाए रखने का कारण बनी।

बारामती की श्रद्धांजलि

आज बारामती अपने उस नेता को याद कर रही है, जिसने राजनीति को केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि रणनीति, संवाद और संतुलन की कला बनाया। ‘दादा’ का जाना न केवल बारामती, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

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