अजित पवार ने बदली नेम प्लेट (सौजन्य-एक्स) 
पुणे

Pune News: अजित ने मंच पर बदल दी सीट, शरद पवार के बगल में बैठने से किया परहेज

Pune News: पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के पास बैठने से परहेज किया। अजित पवार के इस बर्ताव ने दोनों के मिलन की अटकलों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

प्रिया जैस

पुणे: पुणे के मांजरी स्थित वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट में 'एआई' विषय पर एक चर्चा सत्र का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष और एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने की। इस कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, सहकार मंत्री बाबासाहब पाटिल, कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, शरद पवार गुट के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल, विधायक रोहित पवार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि 2 जुलाई 2023 को अजित ने महाविकास आघाड़ी से बाहर निकलकर महायुति सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया था। इस घटना को लगभग दो वर्ष पूरे होने को आए हैं। इस पूरे कालखंड में शरद पवार, अजित, सुप्रिया सुले और रोहित ये सभी नेता कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक साथ उपस्थित रहे, लेकिन उन्होंने एक-दूसरे को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से परहेज किया।

स्थापना दिवस पर करेंगे संबोधित

बीच में दोनों एनसीपी गुटों के एकत्र आने की चर्चाएं भी तेज हुई थीं, लेकिन अब तक दोनों पक्षों के किसी भी नेता ने इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसी पृष्ठभूमि में मंगलवार को 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर शरद पवार पुणे के बालगंधर्व रंगमंदिर में और अजित पवार बालेवाड़ी स्टेडियम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने वाले हैं। इन कार्यक्रमों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि दोनों नेता अपनी-अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।

बगल में बैठने से किया परहेज

इन कार्यक्रमों के पूर्व, शरद पवार और अजित दोनों वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के मंच पर एक साथ उपस्थित हुए। इस दौरान उनकी बैठने की व्यवस्था एक-दूसरे के पास की गई थी। लेकिन जैसे ही अजित मंच पर पहुंचे, उन्होंने अपनी सीट बदल दी और सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटिल की नेमप्लेट शरद पवार के पास रख दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि अजित ने एक बार फिर शरद पवार के बगल में बैठने से परहेज किया।

10 जून को एनसीपी स्थापना दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर दोनों शीर्ष नेता शरद पवार और अजित पवार अपने कार्यकर्ताओं को पुणे में अलग-अलग कार्यक्रमों में संबोधि करेंगे। दोनों के बीच लगातार जारी बैठकों के बाद भी मिलन को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, बीते दिन एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने आषाढ़ी एकादशी तक मिलन की संभावना व्यक्त की थी।

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