बदलापुर मामले को लेकर लोगों ने स्कूल के सामने किया प्रदर्शन (नवभारत फोटो) 
महाराष्ट्र

बदलापुर में रेल रोको आंदोलन से बिगड़े हालात, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, शाम को लाठी चार्ज

बदलापुर मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस तथा स्कूल प्रबंधन के विरोध में नारे लगाए। स्कूल के सामने शांतिपूर्वक ढंग से शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में 'रेल रोको' आंदोलन के रूप तब्दील हो गया व जिसने दोपहर होते होते उग्र रूप ले लिया। पुलिस द्वारा सख्ती बरतने के बाद दस घंटे बाद रेल सेवा शुरू हुई।

आकाश मसने

बदलापुर: बदलापुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल आदर्श विद्यालय में जूनियर केजी में पढ़ने वाली 2 मासूम बच्चियों के साथ स्कूल के ही एक 24 वर्षीय सफाई कर्मचारी द्वारा किए गए दुष्कर्म से अभिभावकों के साथ साथ शहर के नागरिकों में घटना वाले दिन से भारी नाराजी व्याप्त थी और इसकी प्रतिक्रिया मंगलवार को शहर में देखने को मिली। दुष्कर्म करने वाले आरोपी को फांसी दो की मांग को लेकर सुबह स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के सेंकडों अभिभावकों ने स्कूल के सामने धरना प्रदर्शन कर इस कृत्य की निंदा की।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस तथा स्कूल प्रबंधन के विरोध में नारे लगाए। स्कूल के सामने शांतिपूर्वक ढंग से शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में 'रेल रोको' आंदोलन के रूप तब्दील हो गया व जिसने दोपहर होते होते उग्र रूप ले लिया। स्कूल में जमकर तोड़फोड़ भी हुई। इसके बाद आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो वहीं शाम को लाठी चार्ज भी किया। बदलापुर के इतिहास के यह सबसे बड़ा आंदोलन बताया जा रहा है। पुलिस द्वारा सख्ती बरतने के बाद दस घंटे बाद रेल सेवा शुरू हुई।

कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन भी बदलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचे व उन्होंने रेल पटरियों पर आंदोलन कर रहे प्रदर्शकारियों को समझाने की कोशिश की, इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी महिला ने गिरीश महाजन से सवाल किया कि अगर इस जगह आपकी बेटी होती तो आप क्या करते। महाजन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। गिरीश महाजन ने सभी प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेने और सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ की है, लेकिन उससे आंकड़े प्राप्त नहीं हो सके।

रेल रोको आंदोलन होने से शहर के हालात बेकाबू हो गए। देखते ही देखते संपूर्ण शहर इसकी चपेट में आ गया। रेल रोको से मुंबई व पुणे इस प्रकार दोनों रुट की रेल सेवाएं पूरी तरह ठप थी। पुलिस, आरपीएफ व जीआरपी पर आंदोलनकारियों ने पथराव भी किया। मंगलवार को शहर बंद का एलान भी किया गया था। दुकाने बंद होने से एक बड़ी अनहोनी बच गई।

लाडली बहन नहीं, सुरक्षित बहन योजना लागू करें

इस समय प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर मांग कर रहे थे कि हमें राज्य सरकार से लाडली बहन योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित बहन योजना लागू कर राज्य में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल मुहैया कराएं।

डीसीपी सुधाकर पाठारे ने बताया कि 2 बच्चियों से स्कूल के शौचालय में घिनोनी हरकत करने वाले अक्षय शिंदे नामक सफाई कर्मचारी को घटना के अगले ही दिन यानि शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा स्कूल प्रबंधन ने स्कूल की मुख्याधिपिका, क्लास टीचर तथा स्कूल की दो महिला सेविकाओं को नोकरी से निलंबित कर दिया है।

वही राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुष्कर्म की शिकायत में टालमटोल करने वाली वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक शितोले का सोमवार को तबादला कर दिया था लेकिन मामले के बढ़ने के बाद गृहमंत्री फडणवीस ने मंगलवार को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण सिनियर इंस्पेक्टर शुभदा शितोले तथा हेड कॉन्स्टेबल को नोकरी से ही निलंबित कर दिया है।

शिवसेना शहर प्रमुख वामन म्हात्रे की जुबान फिसली

इस आंदोलन की न्यूज कवरेज कर रही एक राज्य स्तरीय मराठी अखबार की प्रतिनिधि महिला पत्रकार पर शिवसेना (शिंदे) के शहर प्रमुख वामन म्हात्रे ने भड़ास निकालते हुए कहा कि 'तुम ऐसी खबरें दे रही हो जैसे कि तुम्हारे साथ ही बलात्कार हुआ हो'। सार्वजनिक रूप से इस तरह का कमेंट किए जाने से महिला पत्रकार ने पुलिस में शिकायत की है। पत्रकारों ने म्हात्रे का निषेध किया है।

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