विप्लव बाजोरिया व एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया) 
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परभणी-हिंगोली विधान परिषद सीट से शिवसेना का उम्मीदवार तय! एकनाथ शिंदे ने विप्लव बाजोरिया को दिया ग्रीन सिग्नल

Maharashtra MLC Election 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद की परभणी-हिंगोली सीट के लिए हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विप्लव बाजोरिया को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी की है।

आकाश मसने

Viplav Bajoria Shiv Sena Candidate: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर चुनावी बिगुल बज चुका है। निर्वाचन आयोग द्वारा विधान परिषद की स्थानीय स्वराज्य संस्था सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। इस बीच, परभणी-हिंगोली स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने यहां से पूर्व विधान परिषद सदस्य विप्लव गोपीकिशन बाजोरिया पर एक बार फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाने का मन बना लिया है।

एकनाथ शिंदे बाजाेरिया को दिए तैयारी के निर्देश

महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय स्वराज्य संस्था सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने परभणी-हिंगोली स्थानीय स्वराज्य संस्था मतदारसंघ से विल्पव बाजोरिया को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है। बताया जा रहा है कि खुद एकनाथ शिंदे ने बाजोरिया को चुनावी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर भाजपा की ओर से अमरावती सीट पर पूर्व विधायक प्रवीण पोटे-पाटिल का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।

16 विधान परिषद सीटों पर होंगे चुनाव

बता दें कि महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्था कोटे की 16 विधान परिषद सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। वहीं 22 जून को मतगणना होगी। इसी को लेकर सभी दलों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट ने परभणी-हिंगोली सीट के लिए विल्पव बाजोरिया के नाम पर मुहर लगा दी है। इसके बाद उन्होंने महायुति के प्रमुख नेताओं से मुलाकातों का दौर भी शुरू कर दिया है।

पुणे की सीट को लेकर बीजेपी और एनसीपी में टकराव

दूसरी ओर पुणे विधान परिषद सीट को लेकर महायुति के भीतर भाजपा और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के बीच जोरदार खींचतान जारी है। यह सीट पहले एनसीपी के अनिल भोसे के पास थी, इसलिए राष्ट्रवादी इसे अपने खाते में बनाए रखना चाहती है। राष्ट्रवादी का दावा है कि पुणे जिले में भाजपा की तुलना में उसके कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों की संख्या अधिक है। पार्टी कार्यकर्ता इस बार पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र के किसी नेता को विधान परिषद भेजने की मांग भी कर रहे हैं।

राष्ट्रवादी की ओर से पूर्व विधायक विलास लांडे, शहराध्यक्ष योगेश बहल, नाना काटे, अजित गव्हाणे और भाऊसाहेब भोईर के नाम संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार जिले में राष्ट्रवादी के पास 348 और भाजपा के पास 319 वोट हैं। शिंदे गुट के 68 वोट भी महायुति के साथ माने जा रहे हैं। ऐसे में यदि कोई क्रॉस वोटिंग नहीं होती, तो महायुति उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

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