ठाकरे सेना को एक और तगड़ा झटका? हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर पहुंचे शिंदे के 'नंदनवन' आवास

Operation Tiger Eknath Shinde Nagesh Patil Ashtikar: उद्धव गुट के हिंगोली सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने की एकनाथ शिंदे से मुलाकात, महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा तेज।
Operation Tiger Eknath Shinde Uddhav Thackeray
Published on
Updated on

Operation Tiger Eknath Shinde: महाराष्ट्र में जब से एकनाथ शिंदे ने बगावत कर भाजपा के साथ सरकार बनाई है, तब से राज्य में दलबदल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में अजित पवार की एंट्री ने महायुति सरकार को और मजबूत किया। स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान विपक्षी पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए एकनाथ शिंदे ने 'ऑपरेशन टाइगर' की रणनीति अपनाई थी। अब लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर इसी ऑपरेशन के तहत उद्धव गुट के बड़े चेहरों को तोड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं।

इसी पृष्ठभूमि में हिंगोली से उद्धव ठाकरे की शिवसेना के मौजूदा सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर सोमवार को अचानक एकनाथ शिंदे के सरकारी आवास 'नंदनवन' पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच लगभग पौने घंटे तक चली इस वन-टू-वन बैठक ने महाविकास अघाड़ी के खेमे में चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हालांकि, बैठक के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए आष्टीकर ने कहा कि इस मुलाकात के पीछे कोई राजनैतिक मकसद नहीं है और वे केवल अपने क्षेत्र की प्रलंबित विकास परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने के सिलसिले में उपमुख्यमंत्री से मिले थे।

क्या उद्धव गुट के 6 सांसद छोड़ेंगे साथ?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह केवल एक सांसद की मुलाकात नहीं है, बल्कि 'मातोश्री' के वफादार माने जाने वाले करीब 6 लोकसभा सांसद पिछले कुछ समय से एकनाथ शिंदे और उनके करीबियों के संपर्क में हैं। इससे पहले परभणी के सांसद संजय जाधव और उत्तर-पूर्व मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल के भी पाला बदलने की अफवाहें उड़ी थीं। माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के कुछ सांसद अपने राजनैतिक भविष्य और विकास फंड को लेकर वरिष्ठ नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज चल रहे हैं।

संजय राउत और अरविंद सावंत का पलटवार

ऑपरेशन टाइगर की चर्चा दोबारा शुरू होने पर उद्धव गुट के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने इसे सत्तारूढ़ दल का प्रोपेगैंडा करार दिया है। राउत ने पलटवार करते हुए कहा कि ऑपरेशन केवल एक बार किया जाता है, बार-बार नहीं। उन्होंने दावा किया कि महाविकास अघाड़ी के सभी सांसद और विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और सरकार केवल विपक्षी नेताओं में भ्रम फैलाने के लिए इस तरह की भ्रामक खबरें मीडिया में फैला रही है।

आगामी विधानसभा चुनाव पर टिकी नजरें

जून 2026 में होने वाले विधान परिषद की 16 सीटों के चुनाव और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तरह की मुलाकातों के गहरे राजनैतिक मायने निकाले जा रहे हैं। यदि नागेश पाटिल आष्टीकर या अन्य कोई सांसद आधिकारिक तौर पर शिंदे गुट में शामिल होता है, तो यह आगामी चुनावों में उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और संगठनात्मक झटका साबित होगा। फिलहाल, शिंदे गुट ने इस एंट्री पर सधा हुआ मौन बनाए रखा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com