Fake Currency Seized on Mumbai-Ahmedabad Highway: हाईवे पर फर्राटा भरती एक कार, अंदर रखा साधारण सा बैग और उस बैग में ठूंस-ठूंस कर भरे 500-500 रुपये के कड़क नोट। पहली नजर में सब कुछ सामान्य था, लेकिन जब वसई क्राइम ब्रांच की टीम ने कार को रोका, तो एक बहुत बड़े अंतराज्यीय जाली नोट रैकेट का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने मौके से पूरे 1 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं, जिन्हें बेहद चालाकी से बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
महाराष्ट्र के पालघर जिले की वसई क्राइम ब्रांच यूनिट-2 को गुप्त सूचना मिली थी कि गुजरात की तरफ से एक संदिग्ध कार जाली नोटों की बड़ी खेप लेकर मुंबई की ओर आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर शिरसाट फाटा ब्रिज के नीचे नाकाबंदी सख्त कर दी। जैसे ही संदेहास्पद कार (रजिस्ट्रेशन नंबर: MH 48 BT 866) वहां से गुजरी, पुलिस ने उसे घेरकर रोक लिया।
कार की तलाशी लेने पर वसई पुलिस के भी होश उड़ गए। बैग के भीतर 500-500 रुपये के करीब 20,000 नकली नोट रखे हुए थे। शुरुआती पूछताछ और जांच में जो खुलासा हुआ, वह और भी चौंकाने वाला है। इस 1 करोड़ रुपये की जाली करेंसी को महज 30 लाख रुपये की असली नकदी में बेचने की डील तय हुई थी। यानी 1/3 कीमत पर नकली नोटों को बाजार में खपाने की साजिश रची गई थी।
वसई क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए गाड़ी और नकली नोट जब्त कर लिया। मामले में पकड़ा गया आरोपी महाराष्ट्र के कोपरगांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
वसई क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच में जुटी है कि इन जाली नोटों की छपाई कहां हुई थी? गुजरात से मुंबई तक इसे सप्लाई करने का मुख्य नेटवर्क किसका है और इस रैकेट के पीछे का मास्टरमाइंड कौन है?
एक करोड़ के नकली नोटों को सिर्फ 30 लाख में बेचने की साजिश और मुंबई अहमदाबाद हाईवे पर पुलिस की कार्रवाई के कारण यह मामला खूब चर्चा में है।