प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया वधावन बंदरगार का भूमिपूजन (सोर्स: एक्स@mieknathshinde) 
पालघर

PM मोदी ने पालघर को दी बड़ी सौगात, वधावन बंदरगाह से 12 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

पालघर जिले के सबसे महत्वाकांक्षी वधावन बंदरगाह का भूमिपूजन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। 76 हजार 200 करोड़ रुपए की लागत वाले इस बंदरगाह के निर्माण से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और करीब साढ़े बारह लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

आकाश मसने

पालघर: पालघर जिले के सबसे महत्वाकांक्षी वधावन बंदरगाह का भूमिपूजन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। 76 हजार 200 करोड़ रुपए की लागत वाले इस बंदरगाह के निर्माण से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और करीब साढ़े बारह लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तत्वावधान में 757 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण मत्स्य पालन बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और 364 करोड़ रुपए की नावों पर ट्रांसपोंडर लगाने की योजना शुरू की गई।

पालघर के सिडको मैदान में बंदरगाह परियोजना के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में दुनिया में एक समुद्री राष्ट्र के रूप में नाम कमाया है, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों में समुद्री क्षेत्र के लिए कई पहल की हैं। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन, राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय मत्स्यपालन मंत्री ललन सिंह और उपमुख्यमंत्रियों देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की उपस्थिति में इस विशाल परियोजना की आधारशिला रखी।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में प्रस्तावित वधावन बंदरगाह के चालू होने के बाद स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए 12 लाख रोजगार सृजित होंगे और क्षेत्र के लोगों के लिए कई सुविधाएं भी पैदा होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की अपनी यात्रा के दौरान पालघर में 1,560 करोड़ रुपए की लागत वाली 218 मत्स्य पालन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने मुंबई में तीन दिवसीय ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के 2024 संस्करण को भी संबोधित किया, जिसका समापन शुक्रवार को हुआ।

बंदरगाह परियोजना का पहला चरण 2029 तक होगा पूरा

मुंबई से 150 किलोमीटर दूर हर मौसम में चलने वाले इस नई परियोजना को इस साल जून में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी। इसमें 76,200 करोड़ रुपए का निवेश होगा, जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में मुख्य बुनियादी ढांचे, टर्मिनल और अन्य वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। बंदरगाह परियोजना का पहला चरण 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है।

मछुआरा समुदाय को मिलेगा लाभ

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि ‘‘यह बंदरगाह परियोजना प्रधानमंत्री की ओर से महाराष्ट्र और देश के लोगों के लिए एक बड़ा उपहार है।'' सोनोवाल ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलेगा, साथ ही मछुआरा समुदाय को लाभ मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों को अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह आगामी सुविधा अगले 25 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के मिशन को साकार करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Monsoon Alert: बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर, ओडिशा-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश से मचेगा हाहाकार

Explainer: स्पेस से ही दुश्मन की मिसाइलों का पता लगाएगा भारत, दोहरी सुरक्षा तय, क्या है Space-Eye टेक्निकलॉजी?

दिल्ली ITO के पास सड़क हादसा, दो विधायकों समेत कई घायल, LNJP अस्पताल में कराया गया भर्ती

पुण्यतिथि विशेष: कभी नहीं जीते आम चुनाव, फिर भी वाजपेयी-मोदी सरकार में बने मंत्री! अरुण जेटली की अनोखी कहानी

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश? ISBT के पास IED और हथियार बरामद, पुलिस ने 3 को पकड़ा