छत्रपति शिवाजी प्रतिमा ढहने का मामला: दानवे ने जांच समिति पर उठाए सवाल, पूछा- कभी मिट्टी की मूर्ति बनाई है?

शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार पर शुक्रवार को निशाना साधा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल किया कि क्या प्रतिमा की ऊंचाई जैसी बारीकियों को तय करने से पहले कोई वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था?
छत्रपति शिवाजी प्रतिमा ढहने का मामला: दानवे ने जांच समिति पर उठाए सवाल, पूछा- कभी मिट्टी की मूर्ति बनाई है?
छत्रपत्रि शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के मामले में गठित जांच समिति पर अंबादास दावने ने उठाए सवाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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छत्रपति संभाजीनगर: सिंधुदुर्ग जिले की मालवण तहसील में राजकोट किले में स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा के 26 अगस्त को ढहने के बाद से राज्य की राजनीति में उबाल आया हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने प्रतिमा ढहने के कारणों की जांच के लिए इंजीनियरों, राष्ट्रीय भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विशेषज्ञों और नौसेना के अधिकारियों की एक तकनीकी समिति गठित की है। पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद संरचनात्मक सलाहकार चेतन पाटिल और ठेकेदार जयदीप आप्टे को कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है।

शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार पर शुक्रवार को निशाना साधा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सवाल किया कि क्या प्रतिमा की ऊंचाई जैसी बारीकियों को तय करने से पहले कोई वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था? उन्होंने यह भी कहा कि क्या किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिमा की एक विशिष्ट ऊंचाई तय की गई थी?

इस मुद्दे पर सरकार से सवाल करते हुए महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि ‘‘जब हम (विपक्षी सदस्य) राजकोट किले के दौरे पर जाने लगे तब जाकर मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के ढहने की जांच के लिए एक समिति बनाई। यह मुद्दा महाराष्ट्र की आत्मा से जुड़ा है। अगर मुख्यमंत्री शिवाजी महाराज का सम्मान करते हैं, तो वह मेरे सवालों का जवाब देंगे।''

वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया

अंबादास दानवे ने कहा कि क्या सरकार द्वारा गठित समिति के सदस्यों ने अपने जीवन में कभी भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति तक बनाई हैं? उन्होंने कहा कि ‘‘क्या वे ढही प्रतिमा का अध्ययन करने के लिए योग्य और सक्षम हैं?'' दानवे ने आगे लिखा कि ‘‘क्या प्रतिमा की ऊंचाई तय करने के लिए कोई वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था? क्या जिस द्वीप पर इसे स्थापित किया गया, उसकी मजबूती की पड़ताल की गई थी ? या फिर किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिमा की ऊंचाई बेतरतीब ढंग से तय की गई?''

समिति पर उठाए सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि क्या संरचना के चारों ओर एक नयी लाल रंग की किलेबंदी करने के लिए राजकोट किले के पुरावशेषों को नुकसान पहुंचाया गया? उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के नेता ने कहा कि क्या कुछ विशेषज्ञों को अन्य सदस्यों को खुश करने के लिए समिति में शामिल नहीं किया गया है?

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