Mumbai Shivaji Park Students Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर की चल रहा छात्र आंदोलन की आग अब आर्थिक राजधानी मुंबई तक पहुंच गई है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के आव्हान पर शुक्रवार को हजारों युवाओं का हुजूम मुंबई के ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी पार्क मैदान पर उमड़ पड़ा। नीट पेपर लीक के खिलाफ हाथों में तिरंगा और बैनर लिए छात्रों के कारण शिवाजी पार्क मैदान और दिल्ली का जंतर-मंतर एक जैसा ही नजारा देखने को मिला।
प्रदर्शनकारी छात्र केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। मैदान में चारों तरफ लहराते बैनरों पर लिखा 'हमें न्यायवाला चाहिए, चायवाला नहीं' स्लोगन पूरे आंदोलन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना रहा। छात्रों का साफ कहना है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस बड़े आंदोलन में शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे, सांसद संजय राउत और शर्मिला ठाकरे के साथ महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी भी छात्रों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। अमित ठाकरे ने कहा कि युवाओं की ताकत से यह सरकार बैकफुट पर आ गई है। वे छात्रों के साथ जमीन पर खड़े रहकर राष्ट्रगीत में शामिल हुए। वहीं आदित्य ठाकरे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
इसी दौरान आदित्य ठाकरे ने जंतर मंतर पर आंदोलनरत कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके से फोन पर चर्चा की। दीपके ने कहा कि जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा। आदित्य ने बताया कि आगामी 26 जुलाई को राज और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई में मोर्चा निकाला जाएगा। वहीं इस मोर्चे में कांग्रेस महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी अपनी पार्टी के शामिल होने की घोषणा की है।
शिवाजी पार्क में हुए इस आंदोलन के बाद छात्रों ने मुंबई पुलिस को एक कानूनी नोटिस भेजा है। एडवोकेट सागर देवरे के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस में पुलिस पर छात्रों को अवैध रूप से हिरासत में लेने का आरोप लगाया गया है। छात्रों का कहना है कि अगर 24 घंटे में जवाब नहीं मिला, तो वे हाई कोर्ट जाएंगे।
उद्धव ठाकरे ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली में जिस तरह छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चुनौती दी कि सरकार लाठियां और बंदूकें लेकर आए, वे तिरंगा लेकर सामने आएंगे और देखेंगे कि हुकूमशाही जीतती है या तिरंगा।
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शिवाजी पार्क में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां भले ही लोग एक-दूसरे को न जानते हों, लेकिन हमारी सबसे बड़ी पहचान यह है कि हम सब हिंदुस्तानी हैं। जनता की इस ताकत को डराकर राज करने वालों को यह दृश्य देखना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यह आंदोलन आम जनता और छात्रों की आवाज है, जिसे दिल्ली की सत्ता में बैठे लोगों को हर हाल में सुनना ही पड़ेगा।