Nashik Trimbakeshwar Kumbh Mela New Ghat: त्र्यंबकेश्वर में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर सिंचाई विभाग द्वारा बनाए जा रहे नए घाटों का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख पदाधिकारियों और स्थानीय साधु-महंतों ने प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
यह पहला अवसर है जब साधु-संतों ने प्रशासनिक स्तर पर चल रहे इन विकास कार्यों का ऑन-ग्राउंड जायजा लिया है। यह नया घाट त्र्यंबकेश्वर स्थित श्री गजानन महाराज मंदिर के सामने से लेकर प्रयाग तीर्थ तक लगभग दो किलोमीटर के दायरे में बनाया जा रहा है।
इस निरीक्षण दौरे में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी महाराज, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरी जी महाराज और कोषाध्यक्ष महंत शंकरानंद सरस्वती सहित कई प्रमुख संत शामिल थे। कुंभ मेले के दौरान त्र्यंबकेश्वर के मुख्य कुशावर्त तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए इस नए बहुकरोड़ी घाट का निर्माण किया जा रहा है।
निरीक्षण के बाद अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरी जी महाराज ने कहा कि सरकार को घाट निर्माण के साथ-साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि साधु-संत शासन को पूरा सहयोग दे रहे हैं और मुख्य पर्वकाल के दौरान भी सहयोग करेंगे।
घाटों का निरीक्षण करने के बाद साधु-संतों के इस प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित किकवी बांध स्थल का भी दौरा किया। इस अवसर पर नील पर्वत श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महंत और निरंजनी अखाड़े के धनंजय गिरी महाराज सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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दूसरी ओर, स्थानीय नागरिकों का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि शहर में शाही स्नान मार्ग (शाही रोड) का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है, जिसे लेकर उत्सुकता और चिंता बनी हुई है।