TCS Nashik Case Malaysia Connection: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) के बीपीओ (BPO) कैंपस में सामने आए यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय मोड़ ले लिया है। इस सनसनीखेज रैकेट की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को इस पूरे नेटवर्क के तार मलेशिया से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
जांचकर्ताओं का दावा है कि कंपनी के भीतर से ही एक सुनियोजित 'धर्मांतरण गिरोह' संचालित किया जा रहा था, जिसका उद्देश्य कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाली युवतियों को निशाना बनाना था।
जांच के दौरान नासिक पुलिस के हाथ कुछ WhatsApp चैट्स लगे हैं, जिनमें मलेशिया के एक संदिग्ध व्यक्ति इमरान की भूमिका उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित युवतियों को इमरान से मिलवाते थे। इमरान इन महिलाओं को इस्लाम अपनाने के बदले विदेश में उच्च वेतन वाली नौकरियों और एक विलासितापूर्ण जीवनशैली (Luxury Life) का प्रलोभन देता था। पुलिस को संदेह है कि इमरान एक कट्टरपंथी उपदेशक हो सकता है, जो इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है।
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इस मामले का खुलासा तब हुआ जब नासिक पुलिस ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत चार महिला कांस्टेबलों को TCS परिसर में हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर तैनात किया। इन महिला पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों के बीच होने वाले संवाद और गतिविधियों की बारीकी से निगरानी की। इस कार्रवाई के बाद अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई टीम लीडर और इंजीनियर शामिल हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी मानी जा रही HR मैनेजर निदा खान अभी भी फरार है।
जांच में यह परेशान करने वाला पैटर्न सामने आया है कि आरोपी साल 2022 से ही 18-25 वर्ष की युवतियों को निशाना बना रहे थे। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन पर नमाज पढ़ने, रोजा रखने और इस्लामिक रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए लगातार मानसिक दबाव डाला जाता था। जो महिलाएं विरोध करती थीं, उन्हें मौखिक दुर्व्यवहार और कार्यस्थल पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। अब तक कुल 12 ऐसे कर्मचारियों की पहचान हुई है जिन्हें इस रैकेट ने अपना निशाना बनाने की कोशिश की।
एसआईटी अब फॉरेंसिक टूल्स की मदद से उन WhatsApp ग्रुप्स के डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर रही है, जहां इन 'टारगेट्स' के बारे में चर्चा की जाती थी। इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है, वहीं TCS ने स्पष्ट किया है कि कंपनी ने संदिग्ध कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और वह जांच में पूर्ण सहयोग कर रही है।