Nashik Sinnar Water Crisis: बारिश न होने के कारण पैदा हुए गंभीर जल संकट को देखते हुए पूरे तालुका में सूखा घोषित करने और किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए का मुआवजा देने की मांग को लेकर उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) शिवसेना ने आक्रामक रुख अपनाया है। उबाठा शिवसेना ने तहसील कार्यालय पर एक विशाल मोर्चा निकालकर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
इसके बाद तहसीलदार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने भी तहसीलदार को ज्ञापन देकर सूखा घोषित करने की मांग की है। उबाठा सेना के ग्रामीण जिला प्रमुख प्रवीण नाइक, तालुका प्रमुख संतोष गुप्ता और मनमाड शहर प्रमुख माधव शेलार के नेतृत्व में यह मोर्चा निकाला गया।
नेताओं ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से बारिश न होने से खरीफ की पूरी फसल नष्ट हो चुकी है। नदियां, नाले और कुएं सूख जाने से पीने के पानी और मवेशियों के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार शुष्क फसलों के लिए न्यूनतम 50 हजार रुपए और बागवानी फसलों के लिए 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा दे।
साथ ही, 3 हेक्टेयर की सीमा हटाकर संपूर्ण प्रभावित भूमि को सहायता दी जाए। इसके अलावा, फसल बीमा के तहत 25 प्रतिशत अग्रिम मुआवजा, चारा छावनियां, पानी के टैंकर और रोजगार गारंटी योजना के काम तुरंत शुरू करने की मांग की गई। राकांपा (शरद पवार गुट) के तालुकाध्यक्ष महेंद्र बोरसे ने भी 50 पैसे से कम नजर आनेवारी का हवाला देते हुए तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की।