Pimplegaon Baswant APMC Annual General Meeting: पिंपलगांव कृषि उपज मंडी समिति की वार्षिक साधारण सभा शनिवार को सभापति विधायक दिलीपराव बनकर की अध्यक्षता में हुई। करीब चार घंटे चली बैठक में मंडी समिति के कामकाज की पारदर्शिता, उप-मंडियों के विकास, टमाटर के बाजार भाव में अंतर, कर्मचारियों के वेतन और ठेकों से जुड़े मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई।
बैठक में मंडी समिति के निदेशकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और किसानों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल उठाए और जवाब मांगे।
विधान परिषद सदस्य एवं निदेशक गोकुल गीते ने वार्षिक रिपोर्ट में सामने आई खामियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने निर्माण कार्यों के बिलों के भुगतान, नियमों के अनुसार कर्मचारियों के वेतन और सचिव पद की लंबित भर्ती को लेकर सवाल किए।
पूर्व विधायक अनिल कदम ने मंडी समिति के विकास का दायरा केवल पिंपलगांव तक सीमित नहीं रखने की मांग की। उन्होंने अन्य उप-मंडियों के विकास के साथ किसानों को टमाटर का उचित बाजार मूल्य दिलाने का मुद्दा भी उठाया।
निदेशक अमृता पवार ने मार्केटिंग बोर्ड के नियमों के उल्लंघन और ठेकेदारों को अतिरिक्त भुगतान किए जाने का आरोप लगाया। बैठक में इन मुद्दों को लेकर सवाल-जवाब और चर्चा का दौर चलता रहा।
सभी आरोपों और शिकायतों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए सभापति दिलीपराव बनकर ने कहा कि मंडी समिति किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को संरक्षण नहीं देगी और किसानों का हित प्राथमिकता रहेगा।
नासिक शहर के पिंपलगांव में टमाटर के बाजार भाव में अंतर को लेकर सभापति ने किसानों से कहा कि यदि किसी व्यापारी या आढ़ती की ओर से परेशानी पैदा की जाती है, तो किसान सीधे मंडी समिति में शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने ऐसी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
निर्माण कार्यों के बिलों को लेकर उठे सवालों पर सभापति ने कहा कि मंडी में किए गए निर्माण कार्यों के बिल नियमों का पालन करने के बाद ही स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक में उप-मंडियों के विकास और नई नीलामी व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। सभापति ने बताया कि रानवड उप-मंडी शुरू करने का प्रस्ताव ग्राम सभा से प्राप्त होने के बाद आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं औरंगपुर-भुसे-भेंडाली मंडी परिसर में दीपावली के बाद प्याज की नीलामी शुरू करने की जानकारी दी गई। करीब चार घंटे तक चली बहस और सवाल-जवाब के बाद सभापति के आश्वासनों के साथ वार्षिक साधारण सभा संपन्न हुई।