धर्मध्वजारोहण समारोह की कमियों की त्र्यंबकेश्वर में समीक्षा।
आगामी सिंहस्थ में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ के लिए सूक्ष्म नियोजन।
प्रवेश पास वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर।
सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश।
कुशावर्त तीर्थ परिसर में जलशुद्धीकरण और सुरक्षा उपायों की मांग।
Nashik Kumbh Trimbakeshwar Kumbh Crowd Management: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में 31 अक्टूबर को हुए धर्मध्वजारोहण समारोह के दौरान सामने आई व्यवस्थागत कमियों से प्रशासन सबक लेगा। त्र्यंबकेश्वर में आयोजित समीक्षा बैठक में आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, प्रवेश पास वितरण और लंबित विकास कार्यों का बेहतर नियोजन करने के निर्देश दिए गए।
नासिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में 31 अक्टूबर को संपन्न हुए नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के धर्मध्वजारोहण समारोह के दौरान सामने आई व्यवस्थागत कमियों से प्रशासन सबक लेगा। आगामी सिंहस्थ में इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, प्रवेश पास वितरण और विकास कार्यों का अधिक प्रभावी नियोजन करने का निर्णय लिया गया है।
त्र्यंबकेश्वर में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सांसद राजाभाऊ वाजे, विधायक हिरामण खोसकर, नगराध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार, उपनगराध्यक्ष पल्लवी शिरसाट, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार, पुलिस अधीक्षक डॉ. डी.एस. स्वामी और अपर पुलिस अधीक्षक एम. विमला उपस्थित थे।
सांसद राजाभाऊ वाजे ने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति में आयोजित धर्मध्वजारोहण समारोह प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी। सभी विभागों के समन्वय से कार्यक्रम संपन्न हुआ। आगामी सिंहस्थ में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अभी से सूक्ष्म नियोजन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेला जनता का महोत्सव है और इसकी सफलता में नागरिकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। विधायक हिरामण खोसकर ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद तथा समन्वय पर जोर दिया।
बैठक में धर्मध्वजारोहण समारोह के दौरान सामने आई तकनीकी दिक्कतों, प्रवेश पास वितरण, प्रवेश सूचियों के सत्यापन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। तहसीलदार गणेश जाधव ने आयोजन और प्रवेश पास वितरण प्रक्रिया की जानकारी दी।
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रपति का दौरा जिले के लिए ऐतिहासिक अवसर था। आयोजन से मिले अनुभवों के आधार पर आगामी सिंहस्थ की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवेश पास वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रखी जाएगी। लंबित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक डॉ. डी.एस. स्वामी ने कहा कि आगामी कुंभ मेले के लिए सुरक्षा व्यवस्था का नियोजन अभी से शुरू किया जाएगा। साधु-संतों के प्रवेश पास की प्रक्रिया भी व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी।
नगराध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार ने शहर के शेष विकास कार्यों को गति देने की मांग की। उन्होंने कुशावर्त तीर्थ परिसर में जलशुद्धीकरण और सुरक्षा संबंधी उपायों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।
समीक्षा बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय से तकनीकी और व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लंबित विकास कार्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।