नासिक के तकनीकी संस्थानों में छात्राओं को मासिक धर्म पर 3 दिन की राहत सोर्स: सोशल मीडिया
नासिक

मासिक धर्म में नहीं रुकेगी पढ़ाई, नासिक में छात्राओं को हर महीने 3 दिन की विशेष छुट्टी; री-एग्जाम का भी मौका

Nashik Periods Student Relief: नासिक के तकनीकी संस्थानों में छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान हर माह 3 दिन की शैक्षणिक छूट मिलेगी। परीक्षा या प्रैक्टिकल छूटने पर बिना शुल्क पुनर्परीक्षा का मौका मिलेगा।

मनीषा बोंदरे

Menstrual Leave; Technical Education: नासिक जिले के इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पॉलिटेक्निक और अन्य तकनीकी संस्थानों में छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान हर माह अधिकतम तीन दिन की विशेष शैक्षणिक छूट मिलेगी। अनुपस्थिति पर अंक नहीं काटे जाएंगे और परीक्षा या प्रैक्टिकल छूटने पर बिना अतिरिक्त शुल्क पुनर्परीक्षा का अवसर मिलेगा।

मासिक धर्म में मिलेगी 3 दिन की शैक्षणिक छूट

नासिक जिले के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण राहत का निर्णय लिया गया है। मासिक धर्म के दौरान अब छात्राओं को पढ़ाई, उपस्थिति और परीक्षा से जुड़ी अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सहसंचालक, तकनीकी शिक्षा विभागीय कार्यालय, नासिक की ओर से जिले के सभी शासकीय, अनुदानित और विनाअनुदानित तकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

निर्देशों के अनुसार, मासिक धर्म के दिनों में छात्राओं को प्रत्येक माह अधिकतम तीन दिन की विशेष शैक्षणिक छूट दी जाएगी। इस अवधि में अनुपस्थित रहने पर उनकी उपस्थिति में कटौती नहीं की जाएगी। साथ ही, अनुपस्थिति के कारण छात्राओं को किसी प्रकार का दंड देने या आंतरिक मूल्यांकन के अंकों में कटौती करने की अनुमति नहीं होगी।

परीक्षा या प्रैक्टिकल छूटा तो मिलेगा दूसरा मौका

यदि मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य संबंधी कारणों से किसी छात्रा की परीक्षा या प्रैक्टिकल छूट जाता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पुनर्परीक्षा या संबंधित शैक्षणिक गतिविधि पूरी करने का अवसर देना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मासिक धर्म के कारण छात्राओं की पढ़ाई, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन प्रभावित न हो।

ये निर्देश नासिक विभाग के अंतर्गत आने वाले इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पॉलिटेक्निक, मैनेजमेंट सहित विभिन्न तकनीकी शिक्षण संस्थानों पर लागू होंगे। 'जीवन केशरी मराठी विद्यार्थी समूह' के अनुसार यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू की गई है।

स्वच्छता और सुरक्षित सुविधाओं पर भी जोर

संस्थानों में छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय, पर्याप्त पेयजल और सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस्तेमाल किए गए सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके अलावा आंतरिक शिकायत निवारण समिति को प्रभावी रूप से कार्यरत रखने पर भी जोर दिया गया है।

सात महीने के प्रयास के बाद फैसला

जीवन केशरी मराठी विद्यार्थी समूह के अनुसार, छात्राओं के स्वास्थ्य और समान शैक्षणिक अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर पिछले सात महीनों से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। समूह का कहना है कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है और इसके कारण किसी छात्रा की शिक्षा, उपस्थिति, आंतरिक मूल्यांकन या परीक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

समूह ने सभी तकनीकी संस्थानों से निर्देशों का प्रभावी पालन करने और छात्राओं के लिए सम्मानजनक व सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की है। व्यवस्था से जुड़ी समस्या या निर्देशों के पालन में कमी होने पर छात्राएं jivankeshri marathi@gmail.com पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

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