Nashik TCS Case Unit Closede: महाराष्ट्र के नासिक में एक नामी आईटी कंपनी (TCS) में सामने आए यौन शोषण और धर्मांतरण के दबाव के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने अब बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने नासिक स्थित अपनी इस यूनिट का कामकाज अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है और सभी 150 कर्मचारियों को अगले आदेश तक Work From Home (WFH) पर रहने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को दिल्ली से आई एक उच्च स्तरीय टीम ने कंपनी परिसर की सघन जांच की। इस दौरान कंपनी के भीतर चल रहे संदिग्ध गतिविधियों और 'काले कारनामों' की पड़ताल की गई। विभागीय जांच के दौरान जब कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए, तो कई चौंकाने वाली और गंभीर शिकायतें सामने आईं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। हालांकि, कंपनी की एचआर (HR) निदा खान अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। आरोप है कि यौन शोषण के इस पूरे रैकेट और धर्मांतरण के दबाव में उसकी भूमिका संदिग्ध थी।
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इस (Nashik TCS Case) मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। कामगार उपायुक्त कार्यालय की एक टीम ने हाल ही में कंपनी पर छापा मारा था, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा मिला। टीम ने शॉप एक्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की टीम 18 अप्रैल को नासिक का दौरा करेगी। माना जा रहा है कि महिला आयोग की इस जांच के बाद कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
छवि खराब होने और कानूनी पचड़ों के बीच TCS ने नासिक यूनिट में चल रही सभी नई भर्ती प्रक्रियाओं (Recruitment) को भी फिलहाल रोक दिया है। प्रबंधन का कहना है कि जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कामकाज और नियुक्तियां स्थगित रहेंगी।